पितृपक्ष में 900 निजी बसों में से केवल 500 बसों का ही हो रहा संचालन

भोपाल
राजधानी से संचालित यात्री बसें बीते कुछ दिनों से बहुत कम संख्या में चल रही हैं। लगातार बढ़ रहे डीजल के दाम और यात्रियों की कम आवाजाही के कारण कुछ बस संचालकों ने बसों को चलाना फिलहाल बंद कर दिया है। हालात ये हैं कि राजधानी से इंदौर, बैतूल, छिंदवाड़ा, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, होशंगाबाद, सतना, रीवा, बालाघाट सहित अन्य मार्गों पर चलने वाली निजी बसों का संचालन पितृपक्ष चलने के कारण कम हो गया है। शहर से चलने वाली 900 से अधिक निजी बसों में 500 बसों का संचालन हो रहा है। बताया जा रहा है कि आगामी त्योहारी सीजन में संचालक बसों को फिर से सड़क पर उतारेंगे।

बस संचालकों का कहना है कि लॉकडाउन अप्रैल, मई व जून से ठप हुए निजी बसों का व्यवसाय ठीक तरह से उबर नहीं पाया है। बसों में अभी 30 से 40 फीसदी ही यात्री सफर कर रहे हैं। कोरोना से बचाव के चलते लोग अपने वाहनों से सफर करने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। ऐसे में यात्री बसों में यात्रा करने वाले लोगों की संख्या में निरंतर कमी आ रही है।

ऐसे में अब नवरात्र से त्योहारी सीजन शुरू हो जाएगा। इसके बाद यात्रियों की संख्या बढ़ेगी। नवरात्र के बाद दशहरा, धनतेरस, दीपावली पर अच्छा ट्रैफिक रहेगा। वहीं, यात्री कम मिलने से बस संचालक मासिक टैक्स नहीं भर पा रहे हैं।

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