लखीमपुर जा रहे राकेश टिकैत को बरेली में रोकने की कोशिश नाकाम
बरेली
लखीमपुर खीरी जा रहे किसान नेता राकेश टिकैत के काफिला को बरेली में रोकने की कोशिश विफल हो गई। फतेहगंज पश्चिमी से बड़ा बाईपास होते हुए खीरी की ओर बढ़ रहे काफिले को रास्ते में नवाबगंज शाही के पुलिस बैरियर पर रोकने को कोशिश हुई। काफिला ने बैरियोर तोड़ दिये। वहां जमकर हंगामा हुआ। पुलिस वालों से नोकझोंक भी हुई। लेकिन पुलिस उन्हें रोकने का साहस नहीं कर सकी। राकेश टिकैत ने कहा कि हमारा आंदोलन बिल्कुल भी हिंसक नहीं है। लगातार भारतीय किसान यूनियन हर जिले में नज़र रखे है। लखीमपुर में घटना हुई है, हम वहां जा रहे हैं। हम रुकेंगे नहीं। रविवार रात करीब दस बजे किसान नेता राकेश टिकैत अपने समर्थकों के साथ गाड़ियों के काफिले को लेकर खीरी के लिए रवाना हुए। फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा पर पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर निकल गए। बड़ा बाईपास होते हुए नवाबगंज पहुंचे। वायरलेस से सूचना मिलने के बाद नवाबगंज में उनकी घेराबंदी की गई। पुलिस ने रोड पर बैरियर लगा दिए। टिकैत समर्थक किसानों ने बैरियर तोड़ डाले। इसको लेकर उनकी पुलिस अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। लेकिन टिकैत समर्थक किसानों ने पुलिस की एक नहीं सुनी और पीलीभीत बॉर्डर पर शाही बैरियर पर पहुंच गए। पुलिस ने रोकने की कोशिश की। वहां जमकर हंगामा हुआ। शाही ने पुलिस बैरियर तोड़ने के बाद राकेश टिकैत पीलीभीत होते हुए देर रात तक पूरनपुर आसाम रोड के जरिए खुटार खीरी के लिए रवाना हो चुके थे। पीलीभीत डीएम और एसपी बॉर्डर तक उनके पीछे गाड़ियों से थे। हालांकि इसके बाद किसी ने भी किसानों के गुस्से को देखते हुए उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की।
एडीजी डीएम कप्तान के साथ टोल प्लाजा पर जमे रहे
एडीजी जोन अविनाश चंद्र डीएम नीतीश कुमार और एसएसपी रोहित सिंह सजवान के साथ फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा देर रात पहुंचे। उन्होंने सभी पुलिस बैरियर पर पुलिस को एक्टिव किया। किसानों को समझाने की कोशिश की हालांकि किसान खीरी के लिए निकलते चले गए। एडीजी ने पुलिस टीम के साथ नवाबगंज पीलीभीत बॉर्डर तक का जायजा लिया।
