उप चुनाव: BJP करेगी नई रणनीति-नेता पर मंथन, गरमाई राजनीती
भोपाल
मप्र की तीन विधानसभा सीटों पर होने वाले उप चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस अपनी पूरी ताकत झौंक रही हैं। लेकिन इस बीच जोबट में सुलोचना रावत के अचानक कांग्रेस छोड़ बीजेपी ज्वाइन करने से इस सीट पर प्रत्याशी चयन में दोनों पार्टियों की जद्दोजहद बढ़ गई है। बीजेपी की ओर से पहले यहां माधो सिंह डाबर को उम्मीदवार माना जा रहा था, लेकिन अब बदलाव हो सकता है।
उपचुनाव वाले तीन विधानसभा क्षेत्रों में जोबट को संघर्षपूर्ण सीट मानकर चल रही भाजपा ने इस सीट पर पूरी ताकत लगाई है। दिग्विजय सरकार में मंत्री रहीं और जोबट से कांग्रेस से टिकट की दावेदारी कर सुलोचना रावत और उनके बेटे विशाल की भाजपा में एंट्री इसी की परिणति मानी जा रही है। इस सीट को लेकर प्रदेश कार्यालय में बैठकों का दौर चल रहा है। सुलोचना और विशाल ने अपने समर्थकों को बुलाकर पार्टी ज्वाइन कराने का काम भी इस दौरान कराया है। वहीं जोबट और आस-पास के सभी आदिवासी नेताओं को तलब कर लिया गया है, बैठक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी मौजूदगी हैं। जोबट सीट कलावती भूरिया विधायक थीं जिनके निधन के बाद यहां उपचुनाव हो रहा है। यहां से भाजपा में अभी तक माधो सिंह डाबर का नाम तय माना जा रहा था लेकिन अब रावत की एंट्री के बाद इस फैसले में बदलाव के कयास लगाए जा रहे हैं।
इधर, पूर्व विधायक सुलोचना रावत और उनके बेटे विशाल रावत के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने के बाद आज सुबह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने जोबट उपचुनाव को लेकर अचानक बैठक बुलाई। बैठक में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, यहां के प्रभारी एवं खरगौन विधायक रवि जोशी और युवा कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रांत भूरिया शामिल थे। सूत्रों की मानी जाए तो सुलोचना रावत और विशाल रावत के कांग्रेस छोड़कर जाने के बाद कमलनाथ ने इस सीट पर अपनी रणनीति बदलने का मन बनाया है। यहां पर अब तक टिकट की पैनल में दीपक भूरिया और अलीराजपुर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष महेश पटेल का नाम था, अब इस पैनल में विक्रांत भूरिया का भी नाम जोड़ दिया गया है। हालांकि विक्रांत भूरिया ने मीडिया से चर्चा में कहा कि वे उपचुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
उन्हें बैठक के लिए पीसीसी चीफ ने बुलाया है। उन्होंने कहा कि सुलोचना रावत और विशाल रावत के भाजपा में जाने से कांग्रेस को कोई नुकसान नहीं होगा। बैठक में नाथ इस बात से नाराज दिखे कि सुलोचना रावत और विशाल रावत को मनाने में कल कांग्रेस के कई नेता जुटे रहे, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। दोपहर में कांग्रेस नेताओं को यह पता चल गया था कि सुलोचना रावत भाजपा में जा सकती है, इसके बाद सज्जन सिंह वर्मा, रवि जोशी को सक्रिय किया गया था, लेकिन दोनों नेता उन्हें भाजपा में जाने से नहीं रोक सके।
