उपचुनाव : टिकट की दौड़ में शामिल नेताओं पर परिवारवाद का साया

भोपाल
प्रदेश में खंडवा लोकसभा सहित तीन विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस में वंशवाद भी दिखाई देगा। खंडवा लोकसभा और दो विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव में टिकट की दौड़ में शामिल नेताओं पर परिवारवाद का साया नजर आएगा। भाजपा इस मुद्दे को भुनाने का उपचुनाव में प्रयास कर सकती है।

खंडवा लोकसभा से प्रबल दावेदार माने जा रहे प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव भी परिवारवाद के साये में हैं। उनके पिता सुभाष यादव प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुभाष यादव खरगौन लोकसभा से सांसद भी रहे हैं। अरुण यादव की उम्मीदवारी लगभग तय है। वहीं पृथ्वीपुर विधानसभा में भी नेता पुत्र को कांग्रेस अपना उम्मीदवार बनाने जा रही है। पूर्व मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर के निधन से खाली हुई इस सीट पर उनके बेटे नितेंद्र सिंह राठौर को उम्मीदवारी तय है।

इसी तरह जोबट विधानसभा से टिकट की दौड़ में शामिल विशाल रावत भी नेता पुत्र हैं। विशाल रावत की मां सुलोचना रावत इसी सीट से विधायक रह चुकी है। सुलोचना रावत 1998 और 2008 में यहां से विधायक रह चुकी है। हालांकि विशाल रावत को भी 2013 में कांग्रेस ने टिकट दिया था, लेकिन वे चुनाव हार गए थे। इसके बाद पिछला चुनाव वे निर्दलीय के रूप में यहां से लड़े थे। अब वे वापस कांग्रेस में आ चुके हैं और टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।

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