BSE मार्केट में इंदौर की हिस्सेदारी देश में 11 वें नंबर पर

 इंदौर
कोरोना के दौर ने लोगों का सामाजिक व्यहार ही नहीं निवेश की आदतें भी बदल दी है। परंपरागत तरीकों की बजाय स्टाक मार्केट यानी शेयर बाजार में निवेश अब लोगों को ज्यादा रास आ रहा। आंकड़ों के मुताबिक 24 साल में जितने निवेशक शेयर बाजार से जुड़े थे उसके मुकाबले करीब आधे निवेशक बीते 12 महीनों में ही जुड़ गए हैं। खास बात ये है कि मप्र की आर्थिक राजधानी इंदौर के निवेशक भी इसी लहर पर सवार है। शेयर बाजार में कारोबार में इंदौर की हिस्सेदारी कम से कम 300 करोड़ रुपये सालाना बढ़ती दिख रही है। शेयर बाजार में कारोबार के मामले में इंदौर देश में 11 वें नंबर पर पहुंच चुका है।

शेयर में निवेश और कारोबार के लिए डीमेट बैंक खाता अनिवार्य है। 1996 से सरकार ने शेयर कारोबार के लिए डीमेट खाते जारी करते हुए कानून लागू किया था। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के अनुसार 1996 से जून 2020 तक देश में कुल डीमेट खातों की संख्या 4.32 करोड़ थी। जून 2021 में डीमेट खातों की संख्या 6.22 करोड़ पहुंच गई है। यानी बीते एक साल में एक करोड़ 90 लाख से ज्यादा नए निवेशक शेयर बाजार से जुड़ गए हैं।

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