NEET परीक्षा में सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़, बीएचयू की छात्रा मां समेत गिरफ्तार
वाराणसी
वाराणसी क्राइम ब्रांच ने रविवार को नीट परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश करते हुए बीएचयू में बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा और उसकी मां को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपित भाग निकला। छात्रा दूसरे के स्थान पर परीक्षा दे रही थी। गैंग का मास्टरमाइंड पटना का पीके है। गैंग में केजीएमयू लखनऊ का एक डॉक्टर भी शामिल बताया गया है। पुलिस ने सोमवार को मामले का खुलासा किया। इस सॉल्वर गैंग का नेटवर्क पूर्वोत्तर राज्यों तक फैला है। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। सूत्रों का दावा है कि दो और लोग हिरासत में लिए गए हैं लेकिन पुलिस अभी कुछ कहने से बच रही है। मेडिकल में प्रवेश के लिए रविवार को नीट परीक्षा हुई थी। सारनाथ थाना क्षेत्र के टड़िया सोना तालाब स्थित सेंट फ्रांसिस जेवियर स्कूल में भी सेंटर था। यहां कक्ष निरीक्षक को छात्रों की जांच के दौरान एक युवती पर संदेह हुआ। उनकी सूचना पर सारनाथ पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम स्कूल पहुंची। परीक्षा बाधित न हो, इसलिए पुलिस ने तत्काल किसी को डिस्टर्ब नहीं किया। पुलिस युवती पर निगाह गड़ाए रही। परीक्षा खत्म होते ही पुलिस ने युवती को रोक लिया।
मां आई थी बेटी को परीक्षा दिलाने
पुलिस की जांच में पता चला कि रोल नंबर 4411112041 पर अभ्यर्थी त्रिपुरा की हिना विश्वास की जगह बीएचयू में बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा जूली कुमारी परीक्षा दे रही थी। हिना के पिता गोपाल विश्वास ने सॉल्वर गैंग के साथ 25 लाख रुपये में सौदा तय किया था। जूली मूल रूप से पटना में वैष्णवी कॉलोनी की रहने वाली है। पुलिस को पता चला कि छात्रा को उसकी मां बबिता देवी परीक्षा दिलाने लाई थी। परीक्षा केंद्र से उसे भी पकड़ लिया गया। इन दोनों का सहयोगी खगड़िया का विकास कुमार महतो केन्द्र से फरार हो गया। पुलिस ने मां-बेटी के कब्जे से एक फर्जी आधार कार्ड, नीट परीक्षा की प्रश्न पुस्तिका, प्रवेश पत्र, एक फोटो, दो मोबाइल और एक मूल आधार कार्ड बरामद किया है।
सब्जी बेचते हैं पिता, पांच लाख का लालच
बीएचयू की छात्रा जूली के पिता मुन्ना कुमार पटना में सब्जी बेचते हैं। सॉल्वर गैंग ने उनकी पत्नी बबिता से संपर्क किया और पांच लाख रुपये का लालच दिया। कहा कि अगर तुम्हारी बेटी हमारी कैंडिडेट की जगह बैठ कर परीक्षा दे देगी तो सेंटर से बाहर निकलते ही पांच लाख रुपये मिल जाएंगे। इसके लिए बबिता को 50 हजार रुपये पेशगी भी दिए गए थे। बबिता लालच में आ गई और अपनी बेटी जूली को असल कैंडिडेट की जगह परीक्षा में बैठने के लिए राजी कर लिया। वाराणसी के पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि छात्रा और उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया है। इस बड़े गैंग का मास्टर माइंड पीके पटना का है। इस गैंग शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास हो रहे हैं।
