कैबिनेट बैठक : एक दर्जन प्रस्तावों पर फैसला, अटके प्रोजेक्ट होल्ड

भोपाल
राज्य सरकार वित्तीय प्रबंधन के लिए नया फार्मूला लाने जा रही है। अब बजट को सूचकांक से जोड़ा जाएगा। इसके तहत राज्य सरकार किसी अटके हुए प्रोजेक्ट को तीन माह तक होल्ड कर उसकी राशि दूसरे मद के लिए जारी कर सकेगी।  इसके अलावा अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और नि:शक्तजनों के बैकलॉग , कैरीफारवर्ड पदों को भरने के लिए भर्ती अभियान की समयसीमा भी बढ़ाई जाएगी। न्यायिक सेवा के लिए चयनित उम्मीदवारों से नियुक्ति के समय तीन साल का बांड भरवाने के लिए भी नियमों में संशोधन किया जाएगा। इन सभी प्रस्तावों को आज होंने वाली कैबिनेट में मंजूरी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज शाम पांच बजे आयोजित कैबिनेट बैठक में वित्त विभाग वित्तीय प्रबंधन के लिए नया प्रस्ताव रखेगा। इसमें बजट को सूचकांक से जोड़ा जाएगा। स्वीकृत बजट में सूचकांक के तीन गुना राशि तक स्वीकृत की जा सकती है। कई बार वन विभाग और केन्द्र की अनुमति या केन्द्रीय मदद के इंतजार में कई परियोजनाओं का काम बीच में रुक जाता है। इससे उस काम के लिए स्वीकृत बजट भी अटक जाता है। अब ऐसे मामलों में वित्त विभाग की अनुमति से अन्य विभाग बजट के तहत स्वीकृत परियोजना को तीन माह तक के लिए होल्ड कर सकेगी। उस काम को इनकंपलीट बताकर उसकी राशि अन्य जगह जहां जरुरत हो वहां खर्च की जा सकेगी। बाद में नये सिरे से इस काम के लिए फिर से बजट दिया जा सकेगा।

प्रदेश के चार राजमार्गों पर टोल टैक्स शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।  मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के अंतर्गत सागर-दमोह, बीना-खिमलासा-मालथौन, महू-घाटबिल्लौद और भिंड-मिहौना-गोपालपुरा मार्ग पर टोल टैक्स शुरू करने चर्चा होगी। यहां निवेशकर्ताओं द्वारा अनुबंध से पीछे हटने की वजह से दिसंबर 2020 में निगम ने अनुबंध समाप्त कर दिए थे। अब इन मार्गों पर नये सिरे से टोल टैक्स लेने के लिए एजेंसी तय की जाएगी।। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है। इसे कैबिनेट में रखा जाएगा।

कैबिनेट में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग  एवं नि:शक्तजनोें के बैकलॉग पदों की पूर्ति के लिए विशेष भर्ती अभियान की अवधि एक जुलाई 2021 से 30 जून 2022 तक बढ़ाए जाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा।

न्यायिक सेवा के लिए चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को अब तीन साल का बांड नियुक्ति के समय भरना होगा अनिवार्य। इसके लिए राज्य सरकार मध्यप्रदेश उच्च न्यायिक सेवा नियम 2017 में संशोधन करेगी। इन चयनित उम्मीदवारों को पांच लाख रुपए का बंधपत्र भरकर देना होगा। इसके लिए मध्यप्रदेश उच्च न्यायिक सेवा 2017 के नियम 14 के बाद 14 अ जोड़ी जाएगी। इसके अलावा कुटीर ग्रामोद्योग उत्पाद के ब्रांड प्रमोशन के लिए कार्ययोजना पर चर्चा होगी। यहां के उत्पादों के प्रमोशन ब्रांड बिल्डिंग एवं विपणन अधोसंरचना योजना मद के विस्तृत कार्ययोजना की प्रस्तुति कैबिनेट में होगी। इंदौर मानसिक चिकित्सालय के पदों का युक्तियुक्तकरण के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी।

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