ढाई माह से पद रिक्त, बढ़ती जा रही शिकायतों की पेंडेंसी
भोपाल
प्रदेश में पदोन्नति, महंगाई भत्ता और अन्य मांगों को लेकर सरकारी कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं और सरकार इनके हित के लिए बनाए गए कर्मचारी आयोग में सचिव की नियुक्ति तक नहीं कर पा रही है। करीब ढाई माह से सचिव का पद रिक्त होने से यहां कर्मचारियों से संबंधित शिकायतों की पेंडेंसी बढ़ती जा रही है। इसको देखते हुए वित्त विभाग ने मंत्रालय में पदस्थ उपसचिव वित्त नियम को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है और अवर सचिव कर्मचारी आयोग को हटाकर उनके स्थान पर अवर सचिव वित्त को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी है।
वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कर्मचारी आयोग के सचिव मिलिंद वाईकर ने 24 जून को इस्तीफा दे दिया है। यह पद रिक्त होने के कारण दैनंदिन काम प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए राज्य शासन सचिव पद की पूर्णकालिक पूर्ति होने तक आयोग के दैनंदिन कार्य संपादन के लिए वित्त विभाग में पदस्थ उप सचिव नियम को सचिव कर्मचारी आयोग को आवंटित कार्य पूर्ण करने की जिम्मेदारी के लिए अधिकृत करता है। इसके चलते जारी किए गए आदेश में लक्ष्मीनारायण अवर सचिव कर्मचारी आयोग (सहायक संचालक वित्त सेवा) को स्थानांतरित करते हुए सहायक संचालक संचालनालय पेंशन भविष्य निधि एवं बीमा भोपाल के पद पर पदस्थ किया गया है। आदेश में कहा गया है कि विवेक कुमार घारू अवर सचिव वित्त को अवर सचिव कर्मचारी आयोग की जिम्मेदारी आगामी आदेश तक सौंपी गई है।
संयुक्त अधिकारी कर्मचारी मोर्चा के बैनर तले प्रदेश के छह लाख कर्मचारी आंदोलन के अगले चरण की रणनीति बनाने 8 सितम्बर को बैठक कर चुके हैं और अब 18 सितम्बर को फिर बैठक करके आंदोलन की तारीख का ऐलान करने वाले हैं।
