तालिबान का नया फरमान, लड़कियां कॉलेज में पढ़ सकती हैं लेकिन क्लॉस में नहीं होगा कोई लड़का

 
नई दिल्ली

अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार बन गई है। जिसके बाद हर दिन तालिबान सरकार का नया फरमान सुनने को मिल रहा है। नई तालिबान सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री ने रविवार (12 सितंबर) को कहा कि अफगानिस्तान में महिलाएं ग्रेजुएट समेत विश्वविद्यालयों और कॉलेज में पढ़ना जारी रख सकती हैं लेकिन लड़कियों और लड़कों के क्लॉस रूम अलग-अलग होंगे। वहीं कॉलेज में आने वाली महिलाओं के लिए इस्लामी पोशाक अनिवार्य होगा। यानी कॉलेज आने वाली हर महिला को बुर्का पहनना अनिवार्य है।
 
मंत्री अब्दुल बकी हक्कानी ने कहा, ''दुनिया यह करीब से देख रही है कि 1990 के दशक के अंत में तालिबान अपनी पहली बार सत्ता में आने से किस हद तक अलग तरीके से कार्य कर सकता है। उस युग के दौरान, लड़कियों और महिलाओं को शिक्षा से वंचित कर दिया गया था, और सार्वजनिक जीवन से बाहर रखा गया था। लेकिन अब ऐसा नहीं है। महिलाओं और लड़कियों को शिक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा।'' हक्कानी ने कहा कि तालिबान घड़ी को 20 साल पीछे नहीं करना चाहता। हम आज जो मौजूद है उस पर अपना काम करना शुरू करेंगे।
 
मंत्री अब्दुल बकी हक्कानी ने कहा लैंगिक अलगाव को भी लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम लड़के और लड़कियों को एक साथ पढ़ने की इजाजत नहीं देंगे। "हम सह-शिक्षा की अनुमति नहीं दे सकते हैं। हक्कानी ने कहा कि विश्वविद्यालयों में पढ़ाए जा रहे विषयों की भी समीक्षा की जाएगी, लेकिन उन्होंने इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया।

बता दें कि तालिबान ने सुझाव दिया है कि वे बदल गए हैं, जिसमें महिलाओं के प्रति उनका दृष्टिकोण भी शामिल है। हालांकि, उन्होंने हाल के दिनों में समान अधिकारों की मांग करने वाली महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल किया था।

हालांकि, विश्वविद्यालय की छात्राओं के लिए अनिवार्य ड्रेस कोड भी रखा गया है। इसके अलावा भी कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं। हक्कानी ने कहा कि हिजाब अनिवार्य होगा। हालांकि ये नहीं बताया गया है कि हिजाब सिर्फ सिर पर लगाना है या पूरा चेहरा ढंकना अनिवार्य है।

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