9 /11 : FBI ने जारी की रिपोर्ट, सऊदी सरकार इस साजिश में नहीं थी शामिल
न्यूयॉर्क
20 साल पहले 11 सितंबर 2001 को दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति अमेरिका पर आतंकी हमला हुआ था। न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को आतंकियों ने निशाना बनाया था। इस आतंकी हमले में 2,977 लोगों की जान चली गई थी। अलकायदा ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस आतंकी हमले के पीछे सरकार द्वारा फंडिंग करने की खबरें आ रही थी, लेकिन अमेरिकी एजेंसी एफबीआई ने इसे खारिज कर दिया है। यह रिपोर्ट हमलों की 20 वीं वर्षगांठ पर जारी किया गया। लंबे समय से इस रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था।
अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने 11 सितंबर 2001 में आतंकवादी हमलों के लिए विमान अपहरण करने वाले सऊदी अरब के दो लोगों को मिले साजोसामान संबंधी सहयोग से जुड़े एक दस्तावेज जारी किया है। दस्तावेजों में बताया गया है कि अपहरणकर्ता अमेरिका में सऊदी अरब के अपने साथियों के साथ संपर्क में थे, लेकिन इसका कोई सबूत नहीं है कि इस साजिश में सऊदी अरब सरकार शामिल थी।एजेंसी ने कहा कि आतंकी हमलों में सऊदी सरकार के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के इन दस्तावेजों को सार्वजनिक करने के आदेश के बाद हमले की 20वीं बरसी पर शनिवार को ये दस्तावेज जारी किए गए। बता दें कि हाल ही में पीड़ित परिवारों ने हमलों में सऊदी के वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया था। पीड़ितों ने न्यूयॉर्क की एक अदालत में याचिका दायर कर इसकी जांच की मांग की थी। कोर्ट के आदेश पर राष्ट्रपति जो बाइडन ने एफबीआई से रिपोर्ट मांगी थी। एजेंसी ने जांच पड़ताल कर 16 पन्नों की रिपोर्ट पेश की।
वहीं, सऊदी अरब सरकार ने दस्तावेज जारी करने पर एफबीआई और अमेरिकी सरकार का स्वागत किया। सऊदी अरब हमेशा से इस तरह की साजिश में शामिल होने का इनकार करता रहा है। वाशिंगटन में सऊदी दूतावास ने बुधवार को कहा कि वह सभी दस्तावेज जारी करने का समर्थन करता है ताकि ''हमेशा के लिए उसकी सरकार के खिलाफ निराधार और बेबुनियाद आरोप खत्म हो जाए। सऊदी अरब के दूतावास ने कहा कि वह आज प्रसन्न है कि सऊदी अरब पर लगाए जा रहे झूठे आरोपों को अमेरिकी एजेंसी ने पूरी दुनिया के सामने रख दी।
