इमरान ही नहीं, पाकिस्तान की आधी से अधिक आबादी है अफगान में तालिबान राज से खुश

इस्लामाबाद 
अफगानिस्तान की सत्ता में 20 साल बाद तालिबान की वापसी से केवल पाकिस्तान के हुक्मरान ही खुश नहीं हैं, बल्कि वहां की आबादी भी गदगद नजर आ रही है। तालिबान राज से भले ही एक बार फिर से दुनियाभर में आतंक का खतरा बढ़ गया हो, मगर आतंकियों की सुरक्षित पनाहगार पाकिस्तान और वहां के लोग इससे खुश नजर आ रहे हैं। पाकिस्तान की आधी से अधिक आबादी अफगानिस्तान में तालिबान शासन के पक्ष में है। 

शोध संगठन गैलप इंटरनेशनल एसोसिएशन से संबद्ध गैलप पाकिस्तान के एक सवेर्क्षण में इस तथ्य का खुलासा हुआ है। सवेर्क्षण के तहत  2400 से अधिक लोगों से तत्संबंध में राय ली गई और उनसे पूछा गया कि क्या आप अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के गठन से खुश हैं? निष्कर्ष के मुताबिक, तालिबान शासन को लेकर 55 प्रतिशत पाकिस्तानियों ने कहा कि वे खुश हैं और 25 प्रतिशत लोगों ने नाखुशी जतायी जबकि 20 प्रतिशत ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की।

प्रांत-वार विश्लेषण में पाया गया कि तालिबान सरकार के लिए सबसे अधिक समर्थन खैबर-पख्तूनख्वा के 65 प्रतिशत लोगों ने जताया। इसके बाद बलूचिस्तान से 55 फीसदी और पंजाब एवं सिंध से 54 फीसदी लोगों ने इसके पक्ष में अपनी राय जाहिर की। शहरी आबादी में 59 प्रतिशत तालिबान सरकार के गठन के पक्ष में अपना मंतव्य रखा जबकि 20 प्रतिशत ने कहा कि वे इससे नाखुश हैं। वहीं ग्रामीण आबादी में 53 प्रतिशत लोग पक्ष और 28 प्रतिशत विरोध में रहे। 

 
सवेर्क्षण में शामिल 58 प्रतिशत पुरुष और 36 प्रतिशत महिलाओं ने माना कि वे अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के गठन से खुश हैं। यहां बताना जरूरी है कि अफगान में तालिबान राज से महिलाओं के बुरे दिन शुरू हो गए हैं, क्योंकि तालिबान ने शरिया कानून के तहत राज करने का ऐलान किया है। ऐसे में पूरी दुनिया जहां अफगान के लोगों के प्रति सहानुभूति की नजरों से देख रही है और पाकिस्तान तालिबान राज से खुश नजर आ रहा है। 

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