महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के विकास को नई दिशा देंगे: डॉ यादव
भोपाल/छतरपुर
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर, बुंदेलखंड क्षेत्र की ऐतिहासिक, कला, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक धरोहर को संरक्षित करते हुए ज्ञान का केंद्र बनेगा। यह विश्वविद्यालय बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास में भी योगदान दें, इसके लिए कार्य योजना बनाकर प्रयास किए जाएंगे। विश्वविद्यालय के विकास को एक नई दिशा प्रदान की जाएगी।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप 18 नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय में पिछले वर्ष चार अध्यापन विभाग खोले गए थे। इस वर्ष भी नए अध्यापन विभाग भी प्रारंभ किए जाएगें। विश्वविद्यालय का नया भवन भी प्रस्तावित है। डॉ यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए राज्य शासन स्तर पर कई कदम उठाए जा रहे हैं। यह विश्वविद्यालय बुंदेलखंड क्षेत्र की पहचान बने, इसके लिए कार्य योजना बनाकर क्रियान्वयन किया जाएगा।
विश्वविद्यालय में 18 नए पाठ्यक्रम प्रारंभ होंगे
विश्वविद्यालय में इस सत्र से एमएससी कंप्यूटर साइंस, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी, एमए चित्रकला, एमए संगीत, यूजी एंड पीजी डिप्लोमा इन माइनिंग साइंस, पीजी डिप्लोमा इन टूरिज्म, डिप्लोमा इन कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियरिंग, यूजी डिप्लोमा इन इंटीरियर डिजाइनिंग, यूजी डिप्लोमा इन इंटरनेट ऑफ थिंग्स, यूजी डिप्लोमा इन परफॉर्मिंग आर्ट्स, यूजी डिप्लोमा इन वेब डिजाइनिंग एंड डेवलपमेंट, सर्टिफिकेट कोर्स इन कम्युनिकेशन स्किल्स, सर्टिफिकेट कोर्स इन डेस्कटॉप पब्लिशिंग, एमएस ऑफिस सर्टिफिकेशन प्रोग्राम, सर्टिफिकेशन कोर्स इन फोटोशॉप, सर्टिफिकेट कोर्स इन नेटवर्किंग, सर्टिफिकेट कोर्स इन कंप्यूटर एडेड डिजाइन एंड ड्राइंग, सर्टिफिकेट कोर्स इन डिजिटल मार्केटिंग, के पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएगें। यह सभी पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार होंगे।
इसके साथ विश्वविद्यालय इसी सत्र से कृषि संकाय भी प्रारंभ करेगा। विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज, पैरामेडिकल कॉलेज, डिग्री इन नर्सिंग एवं पर्यटन संस्थान की स्थापना भी प्रस्तावित है। स्थानीय उद्योगों की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए रोजगार प्रदान करने वाले पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे।
