काबुल में पाकिस्‍तान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, तालिबान ने बरसाईं गोलियां

काबुल
अफगानिस्तान में तालिबान को लाने के पीछे पाकिस्तान की भूमिका थी, इन आरोपों को बल मिलता ही जा रहा है। तालिबानी लड़ाकों के साथ मिलकर जमीन पर जंग लड़ने की बात हो या सरकार बनाने में दखल, पाकिस्तान की मौजूदगी हर जगह जाहिर रही। अब एक सोशल मीडिया पर एक तालिबानी नेता का ऑडियो वायरल हो रहा है जिससे न सिर्फ दोनों के बीच संबंध बल्कि खाई की अटकलें भी तेज हो गई हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो में तालिबानी नेता कह रहा है कि 'पंजाब ने सब तबाह कर दिया', 'आर्ग (काबुल) में तालिबान में काफी बड़ा झगड़ा हुआ और तालिबान के अंदर अभी काफी परेशानियां हैं, 'मेहमान (ISI चीफ) ने अफगानिस्तान का भविष्य खराब कर दिया और दूसरी जंग की नौबत आ गई है।' यह वायरल ऑडियो अफगान पत्रकार नतीक मलिकजादा ने भी शेयर किया है। इस ऑडियो में पाकिस्तान को 'पंजाब' कहा गया है।

इससे पहले खबरें थीं कि पाकिस्तान ने मानवीय सहायता के लिए अफगानिस्तान तीन प्लेन भेजे थे लेकिन वे लौटे अफगान सरकार के गुप्त दस्तावेज लेकर। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ISI की नजर इन दस्तावेजों पर थी। हालांकि, तालिबान ने इन आरोपों का खंडन किया है।

दरअसल, ISI चीफ फैज अहमद काबुल पहुंचे थे जिसके बाद चर्चा तेज थी कि तालिबान सरकार बनने में उनका दखल है। यह उस वक्त साबित भी हो गया जब तालिबानी सरकार का गृह मंत्री पाकिस्तान समर्थित हक्कानी नेटवर्क के सिराजुद्दीन हक्कानी को बनाया गया। वहीं, पंजशीर पर हमले के पीछे भी पाकिस्तान की चाल बताई जा रही है।

दिलचस्प बात यह रही कि पंजशीर पर हमले के बाद ही तालिबान ने ऐलान किया कि वह पाकिस्तान की सुरक्षा को लेकर चिंताओं का समाधान करेगा। उसका इशारा तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान की ओर था जिसने पाकिस्तान की नाक में दम कर रखा है। इससे पहले तालिबान ने दो टूक कहा था कि पाकिस्तान अपनी समस्याओं से खुद निपटे। ऐसे में माना जा रहा है कि अपना रुख बदलने के पीछे एक बड़ा कारण पाकिस्तान के साथ पंजशीर पर जीत की डील हो सकती है।

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