AIMIM का मुख्तार अंसारी को खुला ऑफर
लखनऊ
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाव नहीं दिया है। उन्होंने शुक्रवार (10 सितंबर, 2021) को ऐलान कर दिया कि अंसारी को मऊ से दोबारा पार्टी का टिकट नहीं दिया जाएगा। हालांकि, असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम के यूपी चीफ की ओर से अंसारी को खुला ऑफर दे दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने साफ संकेत दिए कि वह उन्हें लेने को राजी है, जबकि उन्हें टिकट भी दिया जा सकता है।
दरअसल, बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बसपा अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में ‘बाहुबली’ और माफिया आदि को उम्मीदवार नहीं बनाने के प्रयास करेगी और इसी के साथ उन्होंने यह ऐलान (अंसारी को दोबारा टिकट न देना) किया। बता दें कि अंसारी बांदा जेल में बंद है और उसके खिलाई कई आपराधिक मामले पेडिंग हैं।
मायावती ने ट्वीट किया, ”बसपा का यूपी चुनाव में प्रयास होगा कि किसी भी बाहुबली व माफिया आदि को पार्टी से चुनाव न लड़ाया जाए। इसके मद्देनजर ही आजमगढ़ मण्डल की मऊ विधानसभा सीट से अब मुख्तार अंसारी का नहीं बल्कि बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर का नाम तय किया गया है।” बसपा चीफ ने यह घोषणा मुख्तार के भाई सिगबतुल्लाह अंसारी के सपा में शामिल होने के कुछ दिन बाद की।
अली ने बताया, “चुनाव आयोग अगर अतीक अहमद को चुनाव लड़ने की इजाजत देता है, तब तो हम एक सियासी दल हैं। हम उन्हें क्यों न पार्टी में लेकर चुनाव लड़ाएं?” यह पूछे जाने पर कि मुख्तार अंसारी को भी ले लेंगे? जवाब आया- यकीनन ले लेंगे। यकीनन हम पहले दिन से यह बात कह रहे हैं कि हम लोगों का इस्तेमाल हुआ है। चाहे वह मुस्लिम विधायक हों या मुस्लिम सांसद। जब जरूरत पड़ी, तब बीएसपी ने इस्तेमाल किया। जब जरूरत पूरी हो गई, तो उठाकर फेंक दिया।
