179 मूल्यांकनकर्ताओं ने कापी जांचने में की लापरवाही, माशिमं ने कार्रवाई की अनुशंसा

रायपुर
 छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने 10वीं- 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में लापरवाही से कापी जांचने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की अनुशंसा की है। मामला साल 2019 की परीक्षाओं का है। बोर्ड परीक्षा की कापियों को जांचने में भारी लापरवाही बरती गई थी। यह तथ्य उजागर तब हुआ था, जब मेधावियों ने पुनर्मूल्यांकन कराया और उनके अंक 50 फीसद तक बढ़ गए।

माशिमं को अपनी मेरिट सूची में भी बदलाव करना पड़ा था। अंतत: 11 नए टापर्स जोड़े गए थे। इसके बाद जांच बिठाई गई थी। इसमें 10वीं की कापी जांचने वाले 74 मूल्यांकनकर्ता और 12वीं के 105 मूल्यांकनकर्ताओं की घोर लापरवाही सामने आई है। दो साल की जांच के बाद आखिरकार माशिमं ने कार्रवाई की अनुशंसा की है। जांच में पाया गया कि जिस छात्र को 96 अंक मिलने थे उसे 36 अंक मिले थे।

कमोबेश दूसरे उदाहरण भी इसी तरह देखने को मिले हैं। पुनर्मूल्यांकन के बाद 10 फीसद परीक्षार्थियों के अंकों में भारी बदलाव हुआ था। पिछले साल 2020 में कोरोना के कारण परीक्षा और मूल्यांकन में बदलाव हुआ और इस साल पुनर्मूल्यांकन के विकल्प को खत्म कर दिया गया है।

10वीं-12वीं की दोबारा कापी जांचने पर ऐसी लापरवाही

श्रेणी अंकों में बढ़ोत्तरी कुल शिक्षक

पहली श्रेणी 20 से 40 अंक 158

दूसरी श्रेणी 41 से 49 अंक 15

तीसरी श्रेणी 50 से अधिक अंक 06

इस आधार पर कार्रवाई की अनुशंसा

जिन मूल्यांकनकर्ताओं की जांची कापी में 20 से 40 अंक बढें हैं, उन्हें सभी तरह के पारिश्रमिक काम से तीन साल के लिए काली सूची में डाला गया है। जिनकी जांची कापी में पुनर्मूल्यांकन के बाद 41 से 49 अंक बढ़े हैं, उन्हें तीन साल के लिए काली सूची में डालकर एक वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने की अनुशंसा की है। जिन शिक्षकों की कापियों में 50 से अधिक अंक बढ़े हैं, उन्हें हमेशा के लिए काली सूची में डालकर एक वार्षिक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने की अनुशंसा की है। शिक्षकों की सूची वेबसाइट cgbse.nic.in पर सार्वजनिक कर दिया गया है।

 

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