बीज संघ की समितियों को प्रॉफिट मेकिंग बनाने कमेटी गठित, संचालक मंडल की बैठक में हुए मतवपूर्ण निर्णय

भोपाल
राज्य सहकारी बीज उत्पादक संघ की बीज उत्पादक समितियों को प्रॉफिट मेकिंग बनाने के लिए समिति गठित की गई है। बीज उत्पादक समितियों को संचालित करने के लिये नई रणनीति बनाने और प्रॉफिट मेकिंग मॉडल तैयार करने के लिए  एडवाइजरी कमेटी सुझाव देगी।  संचालक मंडल के अध्यक्ष सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया, संचालक मंडल के उपाध्यक्ष, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल की उपस्थिति में  गुरुवार को मंत्रालय में  राज्य सहकारी बीज उत्पादक और विपणन संघ के संचालक मंडल की बैठक में  समिति के गठन का  निर्णय लिए गया।

कृषि मंत्री पटेल और सहकारिता मंत्री  डॉ. भदौरिया  ने बीज उत्पादक समितियों को प्रॉफिट मेकिंग बनाने के लिए एडवाइजरी कमेटी के गठन का निर्णय लिया।  कमेटी में संचालक कृषि, एम डी अपेक्स बैंक, एम डी बीज प्रमाणीकरण संस्था एम डी बीज निगम, एमडी बीज संघ और  बीज उत्पादन के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले बीज उत्पादन समितियों के 3 सदस्यों को सम्मिलित किया गया है।  मंत्री पटेल और मंत्री डॉ. भदौरिया ने कहा कि राज्य में हाइब्रिड और उन्नत किस्म के खरीफ और रबी सीजन की फसलों के बीजों की किसानों की मांग  का आंकलन कर बीज उत्पादन करने की रणनीति  तैयार की जाए। इससे राज्य के  किसानों को  रीजनेवल कीमत पर उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध होंगे।

किसानों की माँग की आपूर्ति कर बीज उत्पादन समितियाँ भी घाटे से उबरने में सफल होंगी। प्रदेश में किसानों की बड़ी संख्या है, जिसे उन्नत किस्म के फसलों के बीज की आवश्यकता रहती है। बीज उत्पादक समितियों को इस दिशा में क्रियाशील करना होगा।  इसके लिए नव-गठित एडवाइजरी कमेटी आवश्यक सुझाव देगी।  एडवाइजरी कमेटी  आंकलन करेगी कि  प्रदेश में किसानों को  किन-किन फसलों के कितनी मात्रा में  बीजों की आवश्यकता होती है।  राज्य के किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सर्टिफाइड उन्नत किस्म के  बीज  उपलब्ध कराने के लिए बीज उत्पादन समितियों को कार्यशील किए जाने का मॉडल तैयार करेगी। कमेटी देश के ऐसे दूसरे राज्यों के बीज उत्पादन समितियों के सफल मॉडल का भी अध्ययन करेगी, जिनके द्वारा किसानों की माँग के अनुरूप उन्नत किस्म के बीजों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

बैठक में चर्चा के दौरान यह विषय भी उठा कि प्रदेश में  बीज उत्पादक समितियों द्वारा उत्पादित किए जा रहे बीज की सही सही जानकारी किसानों तक नहीं पहुँच रही है।  बीज उत्पादक समितियों के द्वारा किस क्षेत्र में किस फसल का किस प्रजाति का बीज उत्पादित किया जा रहा है। बीज उत्पादक समितियों के पास कितनी मात्रा में बीज उपलब्ध है, आदि की जानकारी किसानों को मिलना चाहिए।  किसानों द्वारा कौन-सी फसल के कौन-सी किस्म के बीजों की अधिक माँग है, इसकी जानकारी बीज उत्पादक समितियों को हो। इसके लिए बीज संघ के पोर्टल को क्रिस्प संस्था  के माध्यम से शुरू करने के प्रस्ताव को संचालक मंडल द्वारा बैठक में स्वीकृति दी गई। बैठक में एसीएस कृषि एवं सहकारिता अजीत केसरी, सहकारिता आयुक्त नरेश पाल, एमडी अपेक्स बैंक और एमडी बीज संघ पी.एस. तिवारी, संचालक कृषि सुश्री प्रीति मैथिल और अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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