गवर्नर शक्तिकांत दास को विकास दर 9.5 फीसदी रहने का भरोसा

मुंबई
देश कोरोना महामारी से लगे आर्थिक झटके से उबरने लगा है। यह संकेत देश में आर्थिक गतिविधियां फिर तेज होने से मिल रहा है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी गुरुवार को उम्मीद जताई कि चालू वित्त वर्ष 2021-22 में देश की आर्थिक विकास दर 9.5 फीसदी रहने का भरोसा है। मौजूदा आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए रिजर्व बैंक को यह आशा है।

दास ने कहा कि अगस्त तक देश में कोविड-19 की दूसरी लहर का प्रभाव कम हो गया और दूसरी तिमाही से आर्थिक विकास और बेहतर होगा। मीडिया संस्थानों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में में बोलते हुए रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि आरबीआई ने महामारी के कारण विकास पर अधिक जोर देने और सरकार द्वारा निर्धारित 2 से 6 प्रतिशत तक मुद्रास्फीति दर के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कदम उठाए। केंद्रीय बैंक धीरे-धीरे मुद्रास्फीति दर 4 फीसदी पर लाने के लक्ष्य पर काम करेगा। महंगाई या मुद्रास्फीति दर में लगातार वृद्धि की उम्मीद कम है। दास ने कहा कि वैश्विक बाजार में तरलता की आसान स्थिति के कारण घरेलू बाजार में तेजी दिखाई दे रही है।

बैंकिंग क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जून तिमाही में एनपीए 7.5 फीसदी पर था। इसका प्रबंधन किया जा सकता है। बैंकों के पास पर्याप्त पूंजी है। क्रिप्टोकरंसी के मामले में शक्तिकांत दास ने कहा कि यह रिजर्व बैंक ने इसे लेकर सरकार को अपनी गहरी चिंता से अवगत करा दिया है। अब सरकार को तय करना है कि वह ऐसे मामलों से कैसे निपटे। भारतीय अर्थव्यवस्था में निजी क्रिप्टोकरंसी से निपटने के लिए हमें जिम्मेदारीपूर्ण जवाब चाहिए।

उधर, केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह देश के 45 हजार से ज्यादा निर्यातकों के 56 हजार करोड़ रुपये से अधिक के टैक्स रिफंड को जारी करने वाली है। केंद्र सरकार ने विभिन्न निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं के तहत मिलने वाला टैक्स रिफंड जल्दी जारी करने जा रही है। 45 हजार से अधिक निर्यातकों को 56,027 हजार करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया जाएगा। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पत्रकारों को बताया कि निर्यातकों की यह बकाया राशि इसी साल जारी की जाएगी।

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