सिंगर न होती तो इस काम में नाम कमातीं सुरों की मल्लिका आशा भोसले

 नई दिल्ली 
बॉलीवुड की दिग्गज सिंगर आशा भोंसले यानी सबकी प्यारी आशा ताई आज 88 बरस की हो गई हैं। मशहूर गायिका आशा का जन्म आज ही के दिन 1933 में महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव सांगली में हुआ था। आशा भोसले को शायद कभी इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि उनकी आवाज को एक दिन सारी दुनिया सलाम करेगी।यह तो सभी जानते हैं कि आशा ताई ने 22 भाषाओं में 11000 से अधिक गाने गा कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड में अपना नाम दर्ज किया है। पर क्या आपको यह पता है कि एक समय था जब आशा ताई जिंदगी से आजिज आ गई थीं और वे जिंदगी तजने के बारे में सोचने लगी थीं? आज इस दिग्गज सिंगर के जन्मदिन पर जानेंगे कुछ खास बातें…।

10 साल की उम्र में गाया गाना
आपको बता दें कि आशा भोसले ने अपना पहला गाना 1943 में 10 साल की उम्र में मराठी फिल्म 'माझा बाला' में 'चला चला नव बाला…' गा कर गायन कला की दुनिया में अपना कदम रखा था। आशा ने बॉलीवुड में साल 1948 में हंसराज बहल की फिल्म चुनरिया का 'सावन आया' गाया था।  साल 1997 में उस्ताद अली अकबर खान के साथ एक विशेष एल्बम के लिए 'ग्रेमी अवार्ड' के लिए नामांकित की गई।  वैसे तो आपने आशा ताई के कई सारे नगमें सुने होंगे लेकिन आज उनके जन्मदिन पर उनके गाए हुए कुछ नगमों में से उनके चुनिंदा नगमों को लेकर आए हैं, जो आज भी लोगों के लबो पर रहता है।

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