दिल्ली विश्वविद्यालय में 15 सितंबर से 50 फीसद क्षमता के साथ आने की अनुमति

नई दिल्ली
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) और दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) को प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से खोल दिया है। डीयू ने कैंपस खोलने को लेकर एसओपी जारी कर दी है। वहीं, सोमवार को जेएनयू में छात्र संघ सहित अन्य संगठनों ने पूरा कैंपस नहीं खोलने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि इस बीच जेएनयू के कुलपति प्रो.एम जगदेश कुमार ने जेएनयू के छात्रों के साथ ऑनलाइन मीटिंग की और उनकी चिंताओं, परेशानियों को लेकर चर्चा की। डीयू ने भी देर शाम एक विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर 15 सितंबर से स्नातक और परास्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए ऑफलाइन मोड में 50 फीसद क्षमता के साथ लाइब्रेरी, प्रयोगशाला, कक्षा खोलने का आदेश दिया है। हालांकि कक्षाएं ऑनलाइन चलेंगी और छात्र परामर्श के लिए कॉलेज या विभाग आ सकते हैं। पहले चरण में जेएनयू प्रशासन ने शोधार्थियों के लिए कैंपस खोल दिया है। लेकिन, आइसा, एसएफआई संगठन ने डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर पूरा कैंपस खोलने की मांग की। छात्र संगठनों ने कैंपस में सभी छात्रों को वैक्सीन लगवाने, हॉस्टल खोलने सहित अन्य सुविधाएं देने की मांग की। जेएनयू में छात्र संघ ने 2020 और 2019 बैचों को छात्रावास का आवंटन तत्काल शुरू करने, प्रथम वर्ष के छात्रों को पहचान पत्र जारी करने, छात्रावास के बुनियादी ढांचे में सुधार और सार्वभौमिक टीकाकरण की मांग जेएनयू प्रशासन के सामने रखी। छात्र संघ का आरोप कि जेएनयू प्रशासन ने इस पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके बाद अब छात्र संघ ने कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना देने का आह्वान किया है। वहीं, जेएनयू कुलपति ने सोमवार को ऑनलाइन माध्यम से छात्रों से चर्चा कर उनके सुझाव लिए।

डीयू ने जारी की एसओपी
डीयू ने चरणबद्ध ढंग से कैंपस खोलने को लेकर विभागों व कॉलेजों के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। डीयू ने कहा है कि सभी विभागों, कॉलेजों के शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कार्य करने वाले कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वह वैक्सीन की दोनों डोज ले लें। कॉलेज, विभाग व विश्वविद्यालय में आने वाले छात्रों से उम्मीद की जाती है वह कम से कम वैक्सीन की एक डोज अवश्य लगवाए हों। छात्रावास के निवासियों के लिए वैक्सीन की दोनों खुराक आवश्यक है। वहीं, स्नातक व परास्नातक के सभी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं ऑनलाइन मोड में ही संचालित की जाएंगी। निर्देशों के अनुसार, अंतिम वर्ष के स्नातक, परास्नातक के छात्रों की शारीरिक उपस्थिति वैकल्पिक हो सकती है और छात्रों को निर्णय लेने के लिए छोड़ दिया जाता है। चूंकि छात्रों का शारीरिक प्रवेश स्वैच्छिक है, इसमें छात्रों की उपस्थिति होगी यह अनिवार्य नहीं है। वहीं, संस्थान के प्रमुख के निर्णय के अनुसार अंतिम वर्ष के छात्रों को भी शैक्षणिक परामर्श और प्लेसमेंट के लिए शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है। यदि सुबह और शाम के कॉलेज द्वारा एक साझा परिसर साझा किया जाता है, तो यह उम्मीद की जाती है कि दोनों कॉलेजों के प्राचार्य अनुकूल समय-सारणी तैयार करेंगे और साझा करेंगे जिससे शिक्षण के सुचारू संचालन बेहतर हो सके।
 

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