कांग्रेस की आदिवासी अधिकार यात्रा पर सियासत, नाथ बोले-दमन कर रही सरकार

भोपाल
प्रदेश में एक लोकसभा और तीन विधानसभा उपचुनावों की आहट के साथ ही अब आदिवासियों के अधिकारों को लेकर राजनीति गर्म हो गई है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने आज बड़वानी में विशाल रैली कर आदिवासियों के हक में आवाज उठाने का दावा किया। वहीं, भाजपा ने कमलनाथ ही इस यात्रा को आदिवासी धोखा यात्रा करार देते हुए उन पर हमला बोला है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सभा में आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में आदिवासियों के उत्पीड़न व दमन की घटनाएं तेजी से बड़ी है। नीमच की घटना दर्दनाक हैं, नेमावर में भी घटना हुई। आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है। यह कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा की 2003 से सरकार है, लेकिन आदिवासी क्षेत्रों का विकास नहीं हो सका, न ही आदिवासियों का उत्थान इस सरकार में हुआ। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार थी तब आदिवासियों को साहूकारों के कर्ज से मुक्त कराया गया, गिरवी रखे उनके जेवर वापस करवाए गए। हमारी सरकार ने 19 आदिवासी क्षेत्र के 89 क्षेत्रों के आदिवासियों को कर्ज मुक्त कराया। आदिवासियों को उनकी जमीन का हक दिया था।

आदिवासी अधिकार यात्रा को लेकर भाजपा ने कमलनाथ पर सीधा हमला किया है। भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने कहा कि कमलनाथ आज आदिवासी धोखा यात्रा कर रहे हैं। उन्हें बताना चाहिए कि जनजाति समाज के लिया उनकी 15 महीने की सरकार ने क्या-क्या धोखे दिए। प्रदेश में संबल योजना बंद कर 15 महीने तक आदिवासियों को गरीबी से जूझने को क्यों मजबूर किया। दीनदयाल उपचार योजना पर डाका डालकर गरीब आदिवासियों को मरने के लिए क्यों छोड़ दिया था। सहरिया गैग और भारिया जाति की महिलाओं को मिलने वाले एक हजार रुपए प्रतिमाह की राशि को क्यों बंद की गई थी। पराशर ने कहा कि कमलनाथ बताएं कि कांग्रेस के शासन के कारण आदिवासी 70 साल तक घास फूस के झोपड़ें में ही जीवन क्यों जीते रहे। 70 साल में कांग्रेस के शासन में किसी आदिवासी को गैर का एक सिलेंडर नहीं दिया। कमलनाथ को आज बताना चाहिए कि भगवान बिरसा मुंडा, शंकर शाह, रघुनाथ शाह और वीरांगना दुर्गावती उनके जीवन में कोई मायने नहीं रखती। इस यात्रा में कमलनाथ यह भी बताएं कि उनकी पार्टी के प्रधानमंत्रियों ने किसी गरीब आदिवासी के झोपड़े तक बिजली का लट्टू क्यों नहीं पहुंचने दिया।

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