पोला आज, बैल दौड़ प्रतियोगिता नहीं
रायपुर
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक त्यौहार पोला कल है और इस दौरान हर साल बैल दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन होता है लेकिन कोरोना महामारी के कारण पिछले साल दौड़ का आयोजन नहीं किया गया था, इस बार थोड़ी उम्मीद जगी थी लेकिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समिति एवं बैल दौड़, बैल श्रृंगार प्रतियोगिता समिति ने 200 दर्शकों के शामिल होने का हवाला देते हुए बैल दौड़ प्रतियोगिता को स्थगित कर दिया हैं।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समिति एवं बैल दौड़, बैल श्रृंगार प्रतियोगिता के संयोजक माधवलाल यादव ने बताया कि जिला प्रशासन के साथ पिछले दिनों हुई बैठक में जिला प्रशासन की ओर से कहा गया कि बैल दौड़ प्रतियोगिता में 200 दर्शक ही शामिल हो सकते है। चूंकि बैल दौड़ प्रतियोगिता को देखने के लिए हजारों दर्शक उमड़ते हैं, उन दर्शकों को भला हम कैसे रोक सकते हैं? ज्यादा दर्शक आने पर समिति को जिम्मेदार ठहराया जाता इसलिए समिति द्वारा बैल दौड़ प्रतियोगिता को स्थगित कर दिया है।
वहीं दूसरी ओर पोला पर्व पर बैलों का श्रृंगार करके पूजा-अर्चना करने की सालों से चली आ रही परंपरा निभाई जाएगी। इस दौरान बैलों की पूजा करके छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। साथ ही उनका सम्मान किया जाएगा। सुबह घर-घर में गुडहा चीला, अनरसा, सोहारी, चौसेला, ठेठरी, खूरमी, बरा, मुरकू , भजिया , मूठिया , गुजिया, तसमई आदि छत्तीसगढी व्यंजन बनाकर भोग लगाया जाएगा। लगाएंगे।
