शासकीय धान की कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर को कराना होगा पंजीयन

रायपुर
कलेक्टर रायपुर ने बताया है कि जिले में संचालित प्रत्येक राइस मिलर द्वारा मिल का पंजीयन शासकीय धान की कस्टम मिलिंग के लिए कराया जायेगा। कलेक्टर ने अध्यक्ष रायपुर जिला राइस मिलर्स एसोशिएसन तथा अन्य संबंधित लोगों को पत्र लिखकर राज्य शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आदेश और खाद्य सचिव के निर्देंशों की जानकारी दी है। उन्होंने खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 एवं आगामी खरीफ वर्षों में प्रदेश के प्रत्येक मिलर को राज्य की उपार्जन एजेंसी अर्थात छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा प्राप्त किए जाने वाले एवं धारित धान के स्टॉक की कस्टम मिलिंग के संबंध में निर्देंश दिए है।

इसके तहत शासकीय धान की मिलिंग का कार्य पूर्ण किए जाने की अनुबंधित अवधि तक राईस मिलर द्वारा मिल को चालू हालत में बनाए रखा जायेगा एवं पंजीकृत मिलिंग क्षमता के अनुरूप कार्य संपादित करने हेतु मिल में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बनायी रखी जायेगी। शासकीय धान की मिलिंग उपरांत चावल की जितनी मात्रा जमा कराई जायेगी उसके समतुल्य चावल की मात्रा का निजी व्यापार/विक्रय किया जा सकेगा। सचिव खाद्य ने सभी मिलर्स को मिल परिसर में स्टॉक, मिलिंग रजिस्टर रखने के साथ साथ मासिक जानकारी देने के आदेश जारी किए है। राईस मिल की संचालकों द्वारा खाद्य विभाग की वेबसाइट में उपलब्ध मिलर दिसम्बर 2020 से प्रत्येक माह में उपलब्ध धान और चावल की स्टॉक की जानकारी निर्धारित प्रारूप में दर्ज की जायेगी।

मिलर द्वारा निजी धान की कस्टम मिलिंग एवं चावल के खुले बाजार में विक्रय अथवा राज्य से बाहर निर्यात किए जाने के पूर्व यह सुनिश्चित किया जावेगा कि उसे प्रदाय शासकीय धान की मिलिंग का कार्य पूर्ण करने हेतु उसकी वार्षिक मिलिंग क्षमता की आधी क्षमता का उपयोग किया गया है। मिलर तथा अन्य राज्य को सड़क मार्ग एवं रेल मार्ग से चावल परिवहनकर्ता एजेंसी से राज्य से बाहर चावल निर्यात यथा आवश्यक आवधिक जानकारी कार्यालय कलेक्टर खाद्य शाखा, रायपुर को अनिवार्यत: प्रस्तुत की जावे।

मिलर्स द्वारा धारित संपूर्ण धान एवं चावल के स्टॉक की मात्रा का रिकॉर्ड संधारित किया जायेगा। कस्टम मिलिंग हेतु प्राप्त किए गए धान में से मिलिंग उपरांत शेष स्टॉक की मात्रा के समतुल्य धान अथवा चावल के स्टॉक मात्रा की उपलब्धता मिल में बनाए रखने का उत्तरदायित्व राईस मिलर का होगा। इस निदेर्शों का पालन नहीं किया जाना या उल्लंघन करना छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश, 2016 के खण्ड 10 के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत दण्डनीय होगा।

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