सरकार ने किया भूमि विकास नियमों में संशोधन, निर्माण वैध कराने बाजार दर का 12% शुल्क लगेगा
भोपाल
राज्य सरकार ने भूमि विकास नियमों में संशोधन कर दिया है। अब सिनेमागृह, होटल और उद्योगों में स्वीकृति से ज्यादा एफएआर पर किए गए निर्माण कार्य को वैध कराने भूमि के कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार तय बाजार मूल्य का 12 फीसदी शुल्क जमा कराना होगा। नगरीय प्रशासन विभाग ने बिना अनुमति के भवनों के निर्माण को वैध करने के लिए प्रशमन शुल्क तय कर दिया है। ऐसे सभी भवन जो आवासीय, सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक या स्वास्थ्य के लिए उपयोग में आते हो उनमें एफएआर, एमओएस तथा ग्राउंड कवरेज के लिए दी गई अनुमति से स्वीकृत सीमा तक अधिक निर्माण करने पर निर्मित क्षेत्र के लिए अनुज्ञा शुल्क का पांच गुना शुल्क देना होगा।
यदि निर्माण एफएआर की स्वीकृत सीमा के बाद दस प्रतिशत अधिक क्षेत्र में किया गया हो तो उस पर कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार बाजार दर का पांच प्रतिशत राशि प्रशमन शुल्क के रूप में बिना अनुमति किए गए निर्माण को वैध कराने के लिए देना होगा। एफएआर से दस से बीस प्रतिशत अधिक किए गए अनाधिकृत निर्माण के लिए कलेक्टर गाइडलाइन का साढ़े सात प्रतिशत शुल्क लगेगा। बीस से तीस प्रतिशत तक किए गए अनाधिकृत निर्माण के लिए कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार निर्मित क्षेत्र की बाजार दर का दस प्रतिशत के बराबर शुल्क जमा करना होगा तभी इसे वैध किया जाएगा।
तीस प्रतिशत से अधिक निर्माण को अतिक्रमण मानकर तोड़ दिया जाएगा। तीस प्रतिशत से अधिक निर्माण तोड़ने के बाद ही शेष निर्माण को वैध किया जाएगा। इसी तरह वाणिज्यिक,व्यापार, औद्योगिक, सिनेमागृह, होटल अथवा मिश्रित भूमि उपयोग में लाए जा रहे भवनों में स्वीकृत मात्रा तक अतिरिक्त निर्माण को वैध कराने अनुज्ञा शुल्क का छह गुना राशि जमा कराना होगा। दस प्रतिशत तक अतिरिक्त निर्माण को वैध कराने के लिए अतिरिक्त निर्मित सम्पत्ति के कलेक्टर गाइड लाइन के बाजार मूल्य के छह प्रतिशत शुल्क जमा करान होगा। दस से बीस प्रतिशत तक अतिरिक्त निर्माण के लिए कलेक्टर गाइड लाइन का नौ प्रतिशत और बीस से तीस प्रतिशत तक अतिरिक्त निर्माण को वैध कराने के लिए कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार बाजार दर का बारह प्रतिशत शुल्क जमा कराना होगा तभी यह निर्माण वैध हो पाएंगे।
जो भवन की पंक्ति को प्रभवित करते है। पर्वतीय स्थल, पर्यटन महत्व के स्थन, वाहनों की पार्किंग के क्षेत्र, सड़क की सीमाओं को प्रभावित करने वाले निर्माण, जल निकायों के लिए तय स्थान पर हुए निर्माण, नदी किनारे से तीस मीटर के भीतर तथा नाले और जल प्रवाह क्षेत्र में किए गए निर्माण और जिनसे अग्नि सुरक्षा प्रभावित होती हो ऐसे अनाधिकृत निर्माण वैध नहीं हो पाएंगे।
