सीता-राम रसोई से मिला कई बच्चों को नया जीवन, 100 अतिकुपोषित बच्चों को किया ठीक

सागर
नर सेवा ही नारायण सेवा है, जो जरूरतमंदों की सेवा करते हैं, वह सच्चे समाजसेवी हैं. कुछ ऐसा ही बीड़ा मध्य प्रदेश के सागर जिले की सीता-राम रसोई संस्था ने उठाया है.सीता-राम रसोई संस्था वैसे तो पिछले 18 सालों से असहाय वृद्धों को निशुल्क भोजन करा रही है, लेकिन हाल ही में उसकी पहल से कई बच्चों को नया जीवन मिला. संस्था ने 2 साल पहले करीब 400 कुपोषित  बच्चों की जिम्मेदारी ली थी और उन्हें पोषणयुक्त आहार देना शुरू किया. इनमें 100 बच्चे अतिकुपोषित श्रेणी में थे. अच्छी बात ये है कि ये बच्चे हाल ही में अतिकुपोषित से सामान्य श्रेणी में आ गए हैं.

सीता-राम रसोई के सचिव प्रकाश चौबे ने बताया कि कोरोना की तीसरी संभावित लहर को देखते हुए बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है. ऐसे में संस्था के सदस्यों ने गरीब बस्तियों के कमजोर बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए नए अभियान की शुरुआत की है. संस्था ने सागर शहर के 14 वार्डों में रहने वाले करीब 250 बच्चों की पहचान की है. इन्हें रोज अलग-अलग मीनू से भोजन दिया जाएगा. बच्चों को दूध, दलिया, खिचड़ी, चना, सूजी का हलवा आदि पौष्टिक आहार दिया जाएगा. संस्था का लक्ष्य 500 से ज्याद बच्चों को पोषण आहार देना है. संस्था घर-घर जाकर पोषण आहार पहुंचाएगी.

बता दें, सीता-राम रसोई की गाड़ियां शहर के चारों तरफ स्थित गरीब बस्तियों में जाकर पोषण आहार बांट रही हैं. गाड़ियां देखते ही बच्चे-बुजुर्ग इनके पास आ जाते हैं.उन्हें पोषण आहार वितरित किया जाता है. संस्था ने रोज का मीनू भी अलग रखा है. ताकि बच्चों में भोजन के प्रति उत्साह रहे और उन्हें सभी पोषक तत्व मिल सकें. सीता-राम रसोई के सचिव प्रकाश चौबे ने बताया कि संस्था की मेहनत रंग ला रही है. जो बच्चे चल भी नहीं पाते थे, अब वे दौड़ने लगे हैं. 100 बच्चे अतिकुपोषित से सामान्य श्रेणी में आ गए हैं. बच्चों को महीने में कई बार बुखार आता था, उनको अब बुखार आना बंद हो गया है. उनकी इम्युनीटी स्ट्रांग हो रही है. उनके परिवार में सुख दिखाई दे रहा है.

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