डी पुरंदेश्वरी के विवादित बयान पर भड़की कांग्रेस, बुजुर्ग पिता पर कार्रवाई करेंगे CM बघेल !

रायपुर
बीजेपी की छत्तीसगढ़ प्रभारी डी पुरंदेश्वरी के थूक वाले बयान पर छत्तीसगढ़ की राजनीति आज उबल पड़ी। शनिवार को कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी पूरी कैबिनेट मैदान में उतर आई। कांग्रेस ने पुरंदेश्वरी के बयान को राज्य की महिलाओं और किसानों का अपमान बताकर बीजेपी पर हमला बोल दिया। इसके थोड़ी देर बाद ही बीजेपी ने कांग्रेस की अंदरूनी मुश्किलों और पुरंदेश्वरी की दक्षिण भारतीय हिंदी का हवाला देते हुए पलटवार किया।

शनिवार दोपहर को रायपुर के राजीव भवन में मुख्यमंत्री बघेल ने अपनी कैबिनेट के नौ मंत्रियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। बघेल ने बस्तर में बीजेपी के चिंतन शिविर पर सवाल खड़े किए। बघेल ने कहा कि चिंतन शिविर में आदिवासी या नक्सल समस्या पर चर्चा नहीं हुई। बीजेपी के बड़े नेता यहां धर्मांतरण, ओबीसी को साधने की रणनीति और कांग्रेस पर हमला करने के लिए जमा हुए थे।

पुरंदेश्वरी के बयान की चर्चा करते हुए बघेल ने कहा कि यह बीजेपी की नफरत की राजनीति के बारे में बताता है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या, माता शबरी और मिनी माता की धरती है। यहां नारियों की पूजा होती है। इसलिए पुरंदेश्वरी भी सम्माननीय हैं, उनके बारे में कुछ नहीं कहूंगा। पुरंदेश्वरी ने गुरुवार को कहा था कि बीजेपी कार्यकर्ता थूक देंगे तो सीएम और उनकी सरकार बह जाएगी।

बघेल ने पुरंदेश्वरी के एक और बयान की चर्चा की। बीजेपी प्रभारी ने कहा था कि उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती खुद बघेल और उनका किसान होना है। मुख्यमंत्री ने उनके इस बयान को थूक वाले बयान से जोड़ दिया और कहा कु वे किसान पहले हैं और मुख्यमंत्री बाद में। इसलिए पुरंदेश्वरी ने किसान पर थूकने की बात कही है। उनके मन में किसानों के प्रति घृणा है। यह बयान छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़िया का अपमान है, लेकिन उनकी सोच, उन्हें मुबारक। हमारे मन में नफरत या घृणा नहीं है।

सीएम ने आगे कहा कि बीजेपी की ओर से पुरंदेश्वरी के बयान पर कोई माफीनामा नहीं आया। इसका मतलब है कि बीजेपी का राष्ट्रीय नेतृत्व भी किसानों से नफरत करता है। ये लोग नफरत की फसल बो रहे हैं।

मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के सामूहिक हमले के ठीक बाद बीजेपी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता विष्णुदेव साय ने कहा कि डी पुरंदेश्वरी जी दक्षिण भारत की हैं। हिंदी में एक शब्द के उनके उच्चारण के लिए मुख्यमंत्री सहित पूरा मंत्रिमंडल उद्वेलित हो गया है। एक शब्द के लिए यदि 10 मंत्री मैदान में उतरते हैं, तो स्पष्ट है कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। सीएम भूपेश बघेल को लगने लगा है कि उनकी जमीन खिसक रही है। साय ने कहा कि पुरंदेश्वरी का बयान केवल कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए था, जिसे कांग्रेस किसानों के प्रति नफरत बताकर भ्रम फैला रही है।

पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि पुरंदेश्वरी का बयान इतना बड़ा मुद्दा नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपमानजनक बयान दिया था। बघेल के राजनीतिक गुरु दिग्विजय सिंह ने मीनाक्षी नटराजन के लिए आपत्तिजनक शब्द कहे थे। क्या बघेल इन बयानों की निंदा करेंगे।

एक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को देखकर लग रहा है कि पुरंदेश्वरी के बयान पर राजनीति अभी जारी रहेगी। आंतरिक मतभेदों से जूझ रही कांग्रेस इसे कार्यकर्ताओं में जोश भरने का एक मुद्दा मान रही है। इसलिए, कांग्रेस का प्रदेश संगठन भी अब सरकार के साथ मिल कर बीजेपी पर हमला बोलने की तैयारी में है। शनिवार को ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पुरंदेश्वरी के बयान के विरोध में 5 सितंबर को प्रदेश के समस्त जिला और शहर कांग्रेस कमेटी मुख्यालयों में बीजेपी का पुतला दहन करने की घोषणा की है।

दूसरी ओर, बीजेपी की कोशिश मुख्यमंत्री को घेरने की है। बयान को छोटा मुद्दा बताकर पार्टी नेता इसीलिए बघेल के शक्ति प्रदर्शन पर जोर दे रहे हैं। 10 मंत्रियों के प्रेस कॉन्फ्रेंस को बीजेपी नेता सीएम के शक्ति प्रदर्शन के रूप में प्रचारित कर रहे हैं। पार्टी इसके जरिये कांग्रेस के आंतरिक मतभेदों पर हमला कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *