MBA : स्नातक के रिजल्ट जारी नहीं होने से प्रवेश व्यवस्था गड़बड़ाई
भोपाल
मास्टर आॅफ बिजनेस एडमिस्ट्रेशन (एमबीए) आठ साल बाद धूम मचाता, लेकिन स्नातक के रिजल्ट जारी नहीं होने से प्रवेश व्यवस्था गड़बड़ाई है। काउंसलिंग शुरू हुए एक सप्ताह बीत गया है, लेकिन पंजीयन की संख्या दो हजार तक नहीं पहुंच सका है। वहीं, वर्तमान सत्र 2021-22 में करीब 40 नए कॉलेज अपनी सीटों पर प्रवेश देंगे, जिसकी विभाग ने काउंसलिंग शुरू कर दी है।
तकनीकी शिक्षा विभाग सीमेट और यूजी के अंतिम वर्ष के रिजल्ट के अभाव में प्रथम और द्वितीय वर्ष के संयुक्त रिजल्ट के आधार पर प्रवेश देगा। प्रदेश के विवि अंतिम वर्ष के अलावा यूजी के प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं के रिजल्ट नहीं दे पाए हैं। इससे तकनीकी शिक्षा विभाग चाहकर भी च्वॉइस फिलिंग के अलावा प्रवेश देने अलॉटमेंट तक जारी नहीं कर सकेगा।
प्रदेश में करीब 143 कॉलेज एमबीए की बीस हजार 300 सीटों पर प्रवेश देना है। वर्तमान सत्र में करीब 40 नए कॉलेज आने से काउंसलिंग में भागीदारी करने से उनकी संख्या 180 पार हो जाएगी। जबकि सीटों में दस हजार का इजाफा होकर करीब तीस हजार तक पहुंच जाएगी। यही कारण है एक सप्ताह बीतने के बाद भी एमबीए में दो हजार पंजीयन तक नहीं हुए हैं।
सात साल पहले तक विद्यार्थी स्नातक की डिग्री लेकर प्लेन एमबीए किया करते थे। अब एमबीए में ब्रांच आ गई हैं, जिसमें विद्यार्थी अपनी रूचि के हिसाब से प्रवेश लेते हैं। इसमें एचआर, फायनेंस, मार्केटिंग, इंटरनेशनल बिजनेस, एडवटाईजिंग एंड पब्लिक रिलेशन और हास्पिट मैनेजमेंट शामिल हैं। इसलिए 165 कालेजों में ब्रांच को शामिल करने पर उनकी संख्या 180 तक पहुंच रही है। क्योंकि ब्रांडेड कालेजों ने दो-दो ब्रांच लेकर प्रवेश देंगे। एमबीए की गुणवत्ता पर नियंत्रित करने सचिव मुकेश चंद्र गुप्ता सिर्फ कोर ब्रांच पर एनओसी जारी कर
रहे हैं।
एमबीए कोर्स में 2012-13 सत्र तक प्रवेश काफी अच्छी स्थिति में रहे। कई बड़े देशों में आई आर्थिक तंगी आने के कारण एमबीए में प्रवेश का ग्राफ काफी नीचे गिरता चला गया था। उक्त आठ सालों में कॉलेजों को प्रवेश के लिए काफी मशक्कत तक करना पड़ी थी। यहां तक विद्यार्थियों को जीरो फीस पर प्रवेश दिए गए। पिछले साल से विद्यार्थियों में एमबीए का क्रेज बढ़ा है, जिसके कारण राज्य में करीब 40 नए कॉलेज आ रहे हैं।
