कांग्रेस में प्रशांत किशोर की एंट्री पर भी मतभेद, ‘G23’ के विरोध के बाद सोनिया गांधी लेंगी अंतिम फैसला

नई दिल्ली
पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान से लेकर केरल तक पार्टी में अंतर्कलह से जूझ रही कांग्रेस में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की एंट्री को लेकर भी मतभेद हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कई नेताओं से इस मुद्दे पर बात की है। सूत्रों के मुताबिक, कई नेताओं ने प्रशांत किशोर को पार्टी में शामिल करने पर आपत्ति जाहिर की है तो कुछ ने इसे पार्टी के हित में बताया है। अब गेंद सोनिया गांधी के पाले में है। सूत्रों के मुताबिक, कई नेताओं ने प्रशांत किशोर को पार्टी में शामिल करने पर अपना विरोध दर्ज किया है और कुछ ने उन्हें कांग्रेस में शामिल करने की पैरवी की। बाद में फैसला पार्टी अध्यक्ष पर छोड़ा गया। सूत्रों ने बताया कि पार्टी के संगठन में बदलाव की मांग को लेकर सोनिया गांधी को लेटर लिखने वाले 'समूह 23' के नेताओं ने प्रशांत किशोर को लेकर भी नाखुशी जाहिर की है। लंबे समय से संगठन चुनाव की मांग करने वाले इन नेताओं में गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

प्रशांत किशोर के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने और चुनाव प्रबंधन में अहम जिम्मेदारी संभालने की अटकलों के बीच उन्होंने हाल ही में राहुल गांधी से मुलाकात की थी। हालांकि, मामला अभी तक लंबित है और इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका है।  प्रशांत किशोर ने 2014 लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रचार अभियान का जिम्मा संभाला तो इसके बाद जनता दल (यूनाइडेट) में उपाध्यक्ष के तौर पर शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के लिए काम किया था। इसी साल पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने उन्हें अपना प्रधान सलाहकार नियुक्त किया था। हाल ही में पीके ने इस पद से इस्तीफा दिया है। पश्चिम बंगाल चुनाव में उन्होंने ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी का प्रचार अभियान संभाला था।
 

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