सेफ्टी ऑडिट में खुलेगी कमर्शियल भवनों की पोल
भोपाल
शहर में बनी हाईराइज बिल्डिंगों में आग, बाढ़ और भूकंप जैसे हादसों से बचाव को लेकर बिल्डिंग में क्या इंतजाम किये गए हैं। इसको लेकर फायर एंड सिक्योरिटी एसोसिएशन आॅफ इंडिया एफएसएआई बहुंमजिला इमारतों का सेफ्टी आॅडिट करेगा। इससे फायर एनओसी लिये बिना अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कमर्शियल बिल्डिंग में खासतौर पर आग के इंतजामों की पोल खुलेगी। अधिकतर लोग बड़ी-बड़ी बिल्डिंग बना लेते हैं, लेकिन सुरक्षा के इंतजामों की अनदेखी की जाती है। इस कारण हादसे होते हैं। बाद में खुलासा होता है कि सुरक्षा संबंधी मापदंडों को ताक पर रख कर बिल्डिंग बनाई गई थी। पिछले दिनों एफएसएआई के सेमिनार में यह बात सामने आई कि आग लगने पर लोकेशन व आग की स्थिति की जानकारी लेकर संबंधित फायरमैन तक पहुंचाने में ही 5 से 7 मिनट लगता है। फायर ब्रिगेड को कम से कम 15 मिनट लगते हैं।
जीपीएस का उपयोग कर बुकिंग के बाद टैक्सी 5 मिनट में पहुंच सकती है तो यह टेक्नॉलाजी फायर ब्रिगेड में क्यों नहीं लागू की जा सकती। इस काम के लिए इंजीनियर्स, आॅर्किटेक्ट्स और फायर एक्सपर्ट्स को ट्रेनिंग दी जाएगी। उधर इस संबंध में नगर निगम के अपर आयुक्त कमलेंद्र सिंह परिहार का कहना हैं कि आॅडिट का काम जल्द शुरू होगा। इसके बाद एक्शन लिया जाएगा।
