तुम हमें खालिस्तानी कहो, हम तुम्हें तालिबानी कहेंगे: टिकैत

नई दिल्ली
केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों का विरोध कर रहे भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत की करनाल के एसडीएम के विवादित वीडियो पर प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने एसडीएम आयुष सिन्हा को पहला सरकारी तालिबानी बताते हुए निशाना साधा है. किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि तुम हमें खालिस्तानी कहोगे तो हम भी तुम्हें तालिबानी कहेंगे.

किसान नेता राकेश टिकैत रविवार को हरियाणा के नूंह में महापंचायत करने पहुंचे थे. टिकैत समेत अन्य किसान नेता पिछले दस महीने से कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं. किसान नेताओं की कानूनों को रद्द करने और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग है. हालांकि, सरकार कानून में संशोधन की बात कहती आई है, जिसे किसानों ने मानने से इनकार कर दिया है. किसान नेता कई राज्यों में महापंचायत भी कर रहे हैं.

महापंचायत में पहुंचे राकेश टिकैत ने कहा, ''अगर तुम हमें खालिस्तानी कहोगे तो हम तुम्हें तालिबानी कहेंगे. हमने पहले सरकारी तालिबानी को भारत में ढूंढ लिया है. वह हरियाणा सरकार में अधिकारी है.'' टिकैत का हरियाणा के करनाल जिले के एसडीएम आयुष सिन्हा की ओर इशारा था. टिकैत ने आगे कहा कि बीजेपी राष्ट्रीय झंडे का सम्मान नहीं करती है. हाल ही में जब किसी का (कल्याण सिंह) निधन हुआ, तब तिरंगे के ऊपर बीजेपी का झंडा रख दिया गया था. यह राष्ट्रीय ध्वज का अनादर था. उन्हें राष्ट्रीय ध्वज की परवाह नहीं है.

दरअसल, करनाल में बीते दिन किसानों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के एक कार्यक्रम का विरोध किया था. इस कार्यक्रम में कई अन्य बीजेपी नेता भी शामिल हुए थे. किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया था, जिसमें कई किसानों के सिर फूट गए थे और खून बहने लगा था.

घटना में कम से कम दस किसानों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जबकि पुलिस का भी दावा है कि उनके भी कई पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं. करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह विरोध करने वालों से सख्ती से निपटने के लिए कह रहे थे.

इस दौरान, उन्होंने यहां तक कह दिया था कि यदि कोई सुरक्षा तोड़ता है तो फिर उसका लाठी से सिर फोड़ देना. वीडियो के वायरल होने के बाद एसडीएम की काफी आलोचना हुई थी. कांग्रेस नेताओं के अलावा बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने भी एसडीएम पर सवाल उठाए थे.

संयुक्त किसान मोर्चा ने आगामी 25 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि हम सरकार की किसी आक्रामक नीति को नहीं मानेंगे. ईंट का जवाब पत्थर से देंगे. संयुक्त किसान मोर्चा के अतुल अनजान ने कहा कि सरकार फौज भी लगाएगी तो भी रोक नहीं पाएगी. किसान मोर्चा ने कहा है कि हर गांव और हर तहसील में किसान मोर्चा की यूनिट्स का गठन किया जाएगा. इसके अलावा, मुजफ्फरनगर से ही मिशन यूपी की भी घोषणा होगी. किसान मोर्चा ने 25 सितंबर को आंदोलन के 10 महीने पूरे होने के अवसर पर भारत बंद का ऐलान किया है.

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