संगठन तय करेगा न्यूज चैनल में कौन किस बहस में शामिल होगा

भोपाल
केंद्र और प्रदेश में सरकार होने के कारण विपक्ष के आरोपों का मजबूती से जवाब देने के लिए भाजपा अब अपने मीडिया प्रभारियों और प्रवक्ताओं पर भी नकेल कसेगी। किसी भी न्यूज चैनल में कोई भी प्रवक्ता या पैनलिस्ट खुद ही नहीं जा सकेगा बल्कि वह तभी जा पाएगा जब संगठन की ओर से उसे सहमति मिल सकेगी। संगठन को इसके पहले यह भी बताना होगा कि जिस बहस में वह शामिल होने जा रहा है वह किस मुद्दे को लेकर हो रही है।

प्रदेश भाजपा की नई टीम तैयार होने के बाद अब पदाधिकारियों के कामकाज में कसावट लाने के साथ संगठन ने सह मीडिया प्रभारी, पैनलिस्ट और प्रवक्ताओं के लिए भी गाइडलाइन तय कर दी है। अब तक होता यह था कि कोई भी प्रवक्ता, पैनलिस्ट किसी भी न्यूज चैनल में बहस के लिए चले जाते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। संगठन की नई व्यवस्था के मुताबिक अब प्रवक्ता, पैनलिस्ट को पहले यह बताना होगा कि अमुक चैनल में अमुक विषय पर बहस हो रही है। इसके बाद पार्टी तय करेगी कि उस बहस में किसे जाना है? इस तरह अब चैनलों में होने वाली डिबेट संगठन की जानकारी में रहेगी। संगठन की पिछले दिनों हुई कामकाजी बैठक में इस तरह की कसावट के संकेत के साथ उसका पालन करने के निर्देश प्रवक्ताओं, पैनलिस्ट को दिए गए हैं।

 संगठन पदाधिकारियों ने प्रवक्ताओं की अलग से बैठक लेकर यह भी कहा है कि किसी भी डिबेट में विषय वस्तु का अध्ययन और ताजा अपडेट लिए बगैर शामिल होने नहीं जाएँगे। किसी भी स्थिति में पार्टी की किरकिरी डिबेट में नहीं होनी चाहिए और सरकार और संगठन का पक्ष मजबूती से रखा जाना चाहिए।

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