अब PEB के नाम पर लग गया बट्टा, 3 एग्जामों पर पैनाल्टी लगाएगा व्यापमं
भोपाल
परीक्षाओं को लेकर मध्यप्रदेश में व्यापमं का नाम जमकर बदनाम हुआ। इसके बाद इसका नाम पीईबी कर दिया गया। लेकिन जिस तरह से यहां गड़बड़ी हुई और सरकार ने 3 एग्जाम निरस्त किए उससे अब पीईबी भी बदनाम हो गया है। इस परीक्षा में लापरवाही बतरने वाली कंपनी एनएसईआईटी को सरकार ब्लैक लिस्ट कर रही है। साथ ही उस पर पेनाल्टी भी लगेगी।
एनएसईआईटी ने गत वर्ष जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की थी, जिसके कारण उसके खिलाफ करीब दो करोड की पैनाल्टी लगाने की कार्रवाई होना शेष हैं। हाल ही में शासन ने व्यापमं की तीन परीक्षाओं को और निरस्त किया है। शासन ने एनएसईआईटी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। अब व्यापमं एनएसईआईटी से सभी परीक्षाएं कराने का दायित्व वापस लेगा। इसके साथ परीक्षा में शामिल हुये उम्मीदवारों की संख्या के हिसाब से एनएसईआईटी पर पैनाल्टी लगाकर शासन को हुई क्षति की भरपाई कराई जाएगी। गत नवंबर में एनएसईआईटी की लापरवाही के कारण जेल प्रहरी की भर्ती परीक्षा निरस्त होने से तीन लाख छह हजार उम्मीदवारों को परेशानी उठाना पड़ी थी। तब व्यापमं अध्यक्ष केके सिंह ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही थी, लेकिन आज तक व्यापमं एनएसईआईटी से पैनाल्टी की रकम नहीं वसूल सका है।
जबकि फाइलों पर एनएसईआईटी पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई फरवरी को पूरी कर दी गई है। व्यापमं परीक्षा में गडबडी होने पर विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से पैनाल्टी लगाता है। इसलिए एनएसईआईटी पर व्यापमं करीब दो करोड की पैनाल्टी लगाएगा। व्यापमं अधिकारी एनएसईआईटी के कुछ अफसरों से मिले हुये हैं। इसके कारण व्यापमं एनएसईआईटी के खिलाफा जुर्माना लगाने की कार्रवाई को छह माह बाद भी पूरा नहीं कर सका है।
शासन ने सामने आकर व्यापमं की वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, ग्रुप-दो-सबग्रुप-चार और पैरामेडिकल सेवाओं (स्टाफ नर्स) की भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी हैकर की तकनीकी कारस्तानी बताई है। क्योंकि व्यापमं का पूर्व में परीक्षाओं में गड़बड़ी करने को लेकर अपना नाम बदलकर पीईबी कर चुका है। अब गडबडी खुलने पर नया नाम खोजने में व्यापमं को काफी मशक्कत करना होगी।
परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों की मांग है कि शासन को व्यापमं की सभी परीक्षाओं को निरस्त करना चाहिए। क्योंकि जब एनएसईआईटी से हैकर पेपर लीक कर परीक्षाएं करा सकते हैं, तो और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी होने की संभावनाएं हैं। कृषि विभाग और नर्सिंग की परीक्षाओं में चंद हजार उम्मीदवार शामिल हुए थे। जब एसआई, उपयंत्री और अन्य परीक्षाओं में लाखों की संख्या में उम्मीदवार शामिल हुए हैं। इसलिये सभी परीक्षाएं निरस्त हो। कराकर दूसरी एजेंसी का चयन कर नये सिरे से सभी परीक्षाएं कराना चाहिए।
गत वर्ष एनएसईआईटी ने ग्वालियर के भारती विद्या मंदिर, इंदौर के ओरिएंटल विवि के दो सेंटर और उज्जैन के वीएस इंस्टीट्यूट को परीक्षा केंद्र को बदलकर व्यापमं को दोबारा से उम्मीदवारों के प्रवेश पत्र जारी करने के लिए कहा था। उक्त चारों केंद्रों पर करीब 15 हजार आवेदकों को शामिल होना था, जिनके परीक्षा केंद्र रेंडम तरीके से बदलकर नवीन प्रवेश पत्र जारी करने में व्यापमं को फर्जीवाड़ा होने की संभावनाएं नजर आ रही थीं।
, जिसके कारण परीक्षा स्थगित की गई थी।
