सालभर से तैनाती के लिए भटक रहे पीसीएस अफसर

 प्रयागराज 
यूपी की सबसे कठिन पीसीएस जैसी परीक्षा में सफल प्रतियोगी सालभर से तैनाती की आस में बैठे हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 11 सितंबर 2020 को पीसीएस 2018 का अंतिम परिणाम घोषित किया था। लेकिन उसमें जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी पद पर चयनित नौ अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिल सकी है। चयनित नौ अभ्यर्थी कोमिल द्विवेदी, लवलेश सिसोदिया, आशीष द्विवेदी, रविश चन्द्रा, हेमेन्द्र स्वरूप, राजन कुमार, चेतन सिंह, राजन और आशुतोष नंदन की मेडिकल जांच फरवरी में ही करा ली गई। लेकिन अब तक तैनाती की औपचारिकता पूरी नहीं हो सकी है। 

मजे की बात है कि इसके बाद लोक सेवा आयोग पीसीएस 2019 और 2020 का परिणाम घोषित कर चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पीसीएस 2019 बैच के उपजिलाधिकारियों को नियुक्ति पत्र भी दे चुके हैं। 

पीसीएस 18 में सर्वाधिक चयन
सम्मिलित राज्य प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) की पिछली आठ भर्तियों में से 2018 में सर्वाधिक 976 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। 2017 में 676 तो 2013 में 654 प्रतियोगी छात्र अफसर बने थे।  

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