काबुल विस्फोट में ISIS-K का हाथ, पाक का नाम लेकर अमरूल्लाह सालेह ने खोली तालिबान की ‘सांठगांठ’ वाली पोल

 काबुल 
अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने के बाद से दुनिया को पहला सबसे बड़ा झटका लगा है। काबुल में गुरुवार को एक के बाद एक कई धमाकों से दुनिया दहल उठी। काबुल एयरपोर्ट के पास आत्मघाती हमलों और विस्फोटों में करीब 70 से अधिक लोग मारे गए हैं। इन मरने वालों में अमेरिकी नौसैनिक के भी 13 जवान शामिल हैं। तालिबान ने इस हमले की भले ही निंदी की है, मगर उसने अमेरिका पर ही इन हमलों का ठीकरा फोड़ा है। जबकि इस हमले की जिम्मेवारी आईएसआईएस-के ने ली है, जिसके साथ उसके संबंधों की चर्चा होती रही है। इस बीच अफगानिस्तान के स्वघोषित कार्यवाहक राष्ट्रपति अमरूल्लाह सालेह ने तालिबान की पोल खोल दी है और उन्होंने कहा है कि तालिबान आईएसआईएस-के के साथ अपने संबंधों को नकार नहीं सकता। 

अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति और अशरफ गनी के देश छोड़ने के बाद खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित करने वाले अमरूल्लाह सालेह ने ट्वीट कर कहा कि तालिबान आईएसआईएस (ISIS) के साथ अपने संबंधों से इनकार कर रहा है, यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे पाकिस्तान आतंकी संगठन क्वेटा को लेकर दावा करता है। हमारे पास मौजूद हर सबूत बताता है कि ISIS-K की जड़ों में तालिबानी और हक्कानी नेटवर्क हैं, जो कि काबुल में काफी सक्रिय है। तालिबान अपने मास्टर से अच्छी तरह सीख गया है। 

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