CBI पोस्टमार्टम पर एम्स के विशेषज्ञों से राय लेगी 

धनबाद 
जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद की मौत का सच सामने लाने के लिए सीबीआई दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम दिल्ली एम्स की फोरेंसिक टीम की मदद लेने की तैयारी में है। दो दिन पूर्व झारखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। 19 अगस्त को हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि न्यायाधीश के सिर के पिछले हिस्से में लगी चोट की जांच नहीं होगी तो जांच की दिशा भटक जाएगी। हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद सीबीआई ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर फोकस बढ़ा दिया है। 27 अगस्त को हाईकोर्ट में होनेवाली अगली सुनवाई से पूर्व जज के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में लगी चोट की हर कोण से समीक्षा की जा रही है।  एसएनएमएमसीएच में पोस्टमार्टम करने वाले मेडिकल बोर्ड में शामिल डॉक्टरों की टीम को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इस बीच एम्स के फोरेंसिक एक्सपर्ट से भी राय लेकर लेकर सीबीआई तह तक पहुंचाना चाहती है। सीबीआई जल्द ही एम्स के डॉक्टरों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी और विसरा का सैंपल भेज सकती है ताकि अगली सुनवाई पर उत्तम आनंद की चोट के आधार पर हुई जांच के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट सौंपी जा सके।

सीबीआई की एक टीम जज को टक्कर मारने वाले ऑटो चालक लखन वर्मा और उसके सहयोगी राहुल वर्मा को गुजरात के गांधीनगर फोरेंसिंक साइंस लैब ले गई है। शनिवार को लैब में दोनों का साइकोलॉजिकल टेस्ट कराया गया। टेस्ट के बाद दोनों को वापस अहमदाबाद साबरमती सेंट्रल जेल में भेज दिया गया। रविवार को एफएसएल बंद रहती है। बताया जा रहा है कि सोमवार से लखन और राहुल की ब्रेन मैपिंग शुरू होगी। ब्रेन मैपिंग के बाद दोनों की नार्को एनालिसिस कराई जाएगी। दो दिन पहले गांधीनगर लैब में दोनों का पॉलीग्राफ टेस्ट हुआ था। ब्रेन मैपिंग और नार्को एनालिसिस में सात से आठ दिन लगेंगे। टेस्ट के लिए सीबीआई ने कोर्ट से तीन सितंबर तक की मोहल्लत ली है। नार्को के बाद दोनों वापस धनबाद जेल लाया जाएगा।
 

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