तेज प्रताप की जगदानंद सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग

   पटना                            
बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के दो नेताओं के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है. छात्र आरजेडी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आकाश यादव को पद से हटाए जाने के बाद तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने जगदानंद सिंह (Jagdanand Singh) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. तेज ने मांग की है कि जब तक जगदानंद सिंह के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है, तब तक वे पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे.  

आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव ने गुरुवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के खिलाफ निशाना साधा. तेज प्रताप ने कहा, ''अगर जगदानंद के खिलाफ कारवाई नहीं होती है तो फिर मैं पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होऊंगा.'' दोनों नेताओं के बीच पिछले दिनों तब विवाद बढ़ गया था, जब जगदानंद सिंह ने आकाश यादव को छात्र आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाकर गगन कुमार को यह पद दे दिया था. इसके बाद, दोनों के बीच लंबे समय से चल रहा बवाल और अधिक बढ़ गया था.

आकाश यादव को तेज प्रताप का काफी करीबी माना जाता रहा है. उन्हें पिछले साल मई महीने में छात्र आरजेडी का प्रदेश अध्यक्ष का पद दिया गया था. जब पिछले दिनों राजधानी पटना में छात्र आरजेडी की बैठक आयोजित की गई थी, तब आकाश पोस्टर्स और बैनर्स में छाए हुए थे. इसी पोस्टर में तेजस्वी यादव तक को जगह नहीं मिली थी, जबकि खुद तेज प्रताप का चेहरा पोस्टर में शामिल था.

'कौन हैं तेज प्रताप यादव?'
विवाद के बीच जगदानंद सिंह ने गुरुवार को यहां तक कह दिया कि आखिर तेज प्रताप यादव कौन हैं? वे सिर्फ लालू यादव के प्रति जवाबदेह हैं. उन्होंने कहा, ''मैं नहीं जानता था कि (तेज प्रताप) नाराज हैं. हो सकता है कि उन्हें कोई मिस-अंडरस्टैंडिंग हो. वह छोटी चीज को बड़ा बनाना चाहते हैं.'' इसके आगे सिंह ने कहा था, ''तेज प्रताप कौन हैं? मैं तेज प्रताप के प्रति जवाबदेह नहीं हूं. मैं लालू प्रसाद के प्रति जवाबदेह हूं. वे मेरे अध्यक्ष हैं. पार्टी के 75 सदस्यों में से तेज प्रताप एक हैं. क्या पार्टी में उनके पास कोई अन्य पद भी है?''

तेज प्रताप यादव ने जगदानंद को बताया था हिटलर
पिछले दिनों छात्र आरजेडी के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तेज प्रताप ने जगदानंद सिंह को हिटलर तक बता दिया था. जगदानंद सिंह के खिलाफ तेज प्रताप का गुस्सा इस बात को लेकर दिखा था कि उनके कार्यकाल में आरजेडी कार्यालय का मुख्य द्वार प्रदेश अध्यक्ष की मर्जी से खुलता और बंद होता है. कार्यक्रम में तेज प्रताप ने यहां तक कह दिया था कि कुर्सी किसी की बपौती नहीं होती है. तेज ने कहा था, ''जगदानंद सब जगह जाकर हिटलर की तरह बोलते हैं. पार्टी कार्यालय में पहले मैं जब आता था उस वक्त और अब में जमीन आसमान का फर्क आ गया है. जब पिताजी यहां थे तो पार्टी का गेट हमेशा खुला रहता था मगर उनके जाने के बाद बहुत लोगों ने मनमानी करनी शुरू कर दी है.''

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