30 अगस्त तक मंहगाई भत्ता का निर्णय न होने पर 3 सितंबर को सामूहिक अवकाश

रायपुर
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की राजधानी स्थित राजपत्रित अधिकारी संध के प्रांतीय कार्यालय में 16 अगस्त को संध्या 5 बजे कोरकमेटी की बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें 30 अगस्त तक मंहगाई भत्ता का निर्णय न होने की स्थिति में 3 सितंबर शुक्रवार को पूरे प्रदेश के समस्त शासकीय कार्यालय, शालाएं अर्ध शासकीय संस्थाओ में कार्यरत कर्मचारी अधिकारी एक दिवस का सामूहिक अवकाश लेकर आंदोलन करेगें।

प्रदेश के समस्त जिला, तहसील, विकासखण्ड मुख्यालयों में अवकाश लेकर धरना देगें। इसकी तैयारी हेतु पुन: 20 अगस्त को दोपहर 1 बजे पुन: मैराथन बैठक आयोजित की गई है। जिसमें समस्त संभागों के संयोजक, समस्त मान्यता प्राप्त गैरमान्यता प्राप्त संधों के प्रांताध्यक्ष महामंत्री भाग लेगें। छग.कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोाजक कमल वर्मा, प्रमुख प्रवक्ता विजय कुमार झा, ने बताया है कि कलम रख मशाल उठा आंदोलन के पांचवे चरण में आयोजित बूढ़ातालाब धरना स्थल पर 8 अगस्त को न्याय सभा में निर्णय लिया गया है, कि 30 अगस्त तक मंहगाई भत्ता के संबंध में सरकार यदि अनिर्णय की स्थिति में रहती है, तो प्रदेश के समस्त लोक सेवक 03 सितंबर को सामूहिक अवकाश लेकर जिला, तहसील, विकास खण्ड मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन करेगें। धरना पश्चात् मुख्यमंत्री को 1 जुलाई 2021 को प्रेषित मांग पत्र के संबंध में कलेक्टरों के माध्यम से पुन: मुख्यमंत्री भूपेश बधेल को संबोधित स्मरण पत्र प्रेषित् करेगें। इस संबंध में 16 अगस्त को ही मुख्य सचिव को विधिवत् 14 सूत्रीय मांगों की ओर ध्यानाकर्षण करने हेतु सामूहिक अवकाश आंदोलन की सूचना दे दी गई है। प्रदेश की सीमा में कार्यरत् केन्द्रीय कर्मचारियों व विद्युत मण्डल के कर्मचारियों को 28 प्रतिशत् मंहगाई भत्ता देनऐ व राज्य कर्मचारियों को 1 जुलाई 2019 से मात्र 12 प्रतिशत् मंहगाई भत्ता दिए जाने से कर्मचारियों के शब्र का बांध टूटने लगा है। दूसरी तरफ डीजल, पेट्रोल, गैस सिलेण्डर के बाद विद्युत दरों में बेतहाशा वृद्वि से शासकीय सेवकों में आक्रोष है। प्रदेश के सभी लोगों के लिए न्याय योजना बनाने वाली सरकार कर्मचारी न्याय योजना कब बनाएगी यह प्रश्न उपस्थित हो रहा है। प्रदेश के कर्मचारी सरकार के जनधोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा कराने लगातार आंदोलन कर रहे है, किंतु राज्य सरकार कर्मचारियों की उपेक्षा कर रही है। ऐसी स्थिति में 14 सूत्रीय मांगों की ओर शासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए, दिनांक 1 जुलाई 2019 से लंबित मंहगाई भत्ता के भुगतान का 30 अगस्त तक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी आगामी 3 सितंबर 2021 शुक्रवार को पूरे प्रांत के कर्मचारी अधिकारी सामूहिक अवकाश लेकर जिलों में कलम बंद आंदोलन करेगें।

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