लाहौर में महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति तोड़ी, अनपढ़ करा रहे फजीहत- पाक मंत्री

 लाहौर

पाकिस्तान के लाहौर में महाराजा रणजीत सिंह की मूर्ति को तोड़े जाने पर भारत तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर तेजी से हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं और यह चिंता की बात है। मंगलवार को लाहौर में एक कट्टरवादी संगठन से जुड़े शख्स ने बुरी तरह से रणजीत सिंह की प्रतिमा पर हमला बोला और उसे तहस-नहस कर डाला। तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान नाम के संगठन से जुड़े आरोपी शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया है। लाहौर में महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा का अनावरण 2019 में किया गया था और तब से अब तक यह तीसरा हमला है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि यह घटना परेशान करने वाली है। उन्होंने कहा, 'इस तरह के हमले बताते हैं कि पाकिस्तान में किस तरह से अल्पसंख्यक समुदायों के प्रति असहिष्णुता बढ़ रही है। पाकिस्तानी समाज में अल्पसंख्यकों के प्रतीकों के लिए कोई सम्मान नहीं है।' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में जिस तरह से अल्पसंख्यकों से जुड़ी हिंसाएं हो रही हैं और उनके पूजा स्थल, सांस्कृतिक विरासतों को तोड़ा जा रहा है। वह चिंता की बात है और ऐसी घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। बागची ने कहा कि आज से ठीक 12 दिन पहले ही एक भीड़ ने रहीम यार खान इलाके में एक हिंदू मंदिर पर हमला बोल दिया था।
भारत सरकार ने की निंदा, कहा- भय के माहौल में जी रहे अल्पसंख्यक

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार ऐसे हमलों को रोकने में पूरी तरह से फेल रही है। इसके चलते अल्पसंख्यकों में भय का माहौल पैदा हो रहा है। हम पाकिस्तान सरकार से मांग करते हैं कि वह अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को सुरक्षा मुहैया कराए। महाराज रणजीत सिंह की 180वीं पुण्यतिथि के मौके पर 2019 में प्रतिमा को लगाया गया था। वह सिख साम्राज्य के पहले ऐसा महाराजा थे, जिन्होंने अविभाजित पंजाब पर 40 सालों तक राज किया था। उनकी जो प्रतिमा लगाई गई थी, उसमें वह हाथ में तलवार लिए घोड़े  पर बैठे दिखाई देते हैं।

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