काबुल एयरपोर्ट पर फायरिंग में पांच की मौत, सभी उड़ानें रद्द

काबुल
अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह से ही बेकाबू हालात हैं. तालिबान के राज से बचने के लिए हजारों की संख्या में लोग देश से बाहर जाने के लिए तैयार हैं और फ्लाइट पकड़ना चाहते हैं. लेकिन यहां हुई गोलीबारी में सोमवार दोपहर तक पांच लोगों की मौत हो गई. काबुल एयरपोर्ट के ताजा हालात भी बदतर ही हैं, जहां हर कोई किसी भी तरह बाहर जाने की कोशिश में है.

काबुल से जो ताजा तस्वीरें आ रही हैं, उसमें एयरपोर्ट की भयावह स्थिति का नजारा देखने को मिलता है. रनवे खाली कराने के लिए जमीन से लगकर ही हेलिकॉप्टर उड़ रहे हैं, ताकि लोग यहां से दूर हो सके.

वहीं, एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता है कि एयरपोर्ट पर भीड़ को काबू करने के लिए गोलीबारी का सहारा लेना पड़ रहा है. गोलियों की आवाज़ सुनते ही एयरपोर्ट पर भगदड़ जैसे हालात बन रहे हैं. बता दें कि इसी गोलीबारी में करीब 5 लोगों की मौत हो गई है.

लेकिन इन सबसे ज्यादा भी दर्दनाक वीडियो जो आया, वो हर किसी के दिल को तोड़ देने वाला है. कुछ लोगों ने अपने आप को एक विमान के निचले हिस्से (पहिए के पास वाले) पर बांध लिया था, इस आस में कि वो काबुल से बाहर चले जाएंगे, लेकिन जब विमान ने उड़ान भरी तो वो आसमान से गिर गए.

दरअसल, काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद बड़ी संख्या में लोग अफगानिस्तान छोड़ रहे हैं. काबुल एयरपोर्ट पर हजारों की भीड़ फ्लाइट में बैठने के लिए संघर्ष कर रही है. सुबह से ही ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं. लेकिन हालात बेकाबू होने के बीच कमर्शियल उड़ानों को रोक दिया गया है.

इतना ही नहीं काबुल एयरपोर्ट आने वाले कई रास्तों को बंद कर दिया गया है, ताकि लोग एयरपोर्ट ना पहुंच सके. यहां पर बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक भी तैनात हैं, जो अपने नागरिकों को यहां से बाहर निकालने आए हैं. अमेरिकी सैनिकों द्वारा सोमवार को यहां हवाई फायरिंग भी की गई, जिसके जरिए भीड़ को काबू करने की कोशिश की गई.  

तालिबान की ओर से लोगों से अपील की गई है कि कोई देश ना छोड़े, वह काबुल में शांति स्थापित करना चाहते हैं. लेकिन तालिबान की बातों पर किसी को भरोसा नहीं है, यही कारण है कि लोग किसी भी तरह देश से बाहर जाना चाहते हैं.

अगर अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस समेत अन्य देशों की बात करें तो हर कोई अपने-अपने नागरिकों को बाहर निकालने में लगा है. अमेरिका ने बीते दिन भी स्पेशल विमान से दूतावास में फंसे लोगों को निकाला, अब एयरपोर्ट पर अपनी सेना जुटाकर अपने नागरिकों को निकालने का बंदोबस्त किया है. ऐसा ही अन्य देशों द्वारा भी किया गया है.

अपने देश को संकट में छोड़कर गए अशरफ गनी अब अमेरिका जा सकते हैं. जानकारी के मुताबिक, उन्हें अशरफ गनी पहले ताजिकिस्तान जाना चाहते थे, लेकिन वहां उनके विमान को लैंडिंग की इजाजत नहीं मिली. इसके बाद वो ओमान में रुक गए और अब वो अमेरिका जाने की कोशिश में हैं.

इधर तालिबान ने अब अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है और अलग-अलग सरकारी दफ्तरों में तालिबानी लड़ाके मौजूद हैं. माना जा रहा है कि तालिबान की राजनीतिक लीडरशिप सोमवार को काबुल पहुंचेगी और इसी के बाद नई सरकार के गठन का सिलसिला शुरू होगा.

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