साल में एक बार खुलता है नाग देवता का यह मंदिर , कल रात 12 बजे खोले गए पट

 ऩई दिल्ली 
बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में नागपंचमी के अवसर पर महाकालेश्वर मंदिर में स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर के पट कल गुरुवार रात्रि 12 बजे खोल दिए गए। महानिर्वाणी अखाड़े के महंत ने भगवान नागचंद्रेश्वर का पूजन अर्चन किया। अब मंदिर के पट शुक्रवार रात 12 बजे तक खुले रहेंगे। इससे पहले कोरोना के कारण मंदिर के पट बंद थे। इस साल भी श्रद्धालुओं के लिए मंदिर बंद रहेगा। आज शुक्रवार को यहां भगवान नागचंद्रेश्वर का त्रिकाल पूजन किया जाएगा। कोरोना के चलते ऑनलाइन करें उज्जैन महाकाल के दर्शन:

देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख भगवान महाकालेश्वर मंदिर तीन खंडों में विभक्त है। सबसे नीचे भगवान महाकालेश्वर, दूसरे खंड में ओमकारेश्वर तथा तीसरे खंड में भगवान नागचंद्रेश्वर का मंदिर स्थित है। इस मंदिर में नाग पर विराजमान शिव पार्वती की अति दुर्लभ मूर्ति है। मान्यता है की मंदिर में नागचंद्रेश्वर की प्रतिमा के दर्शन और पूजन से शिव पार्वती दोनों ही प्रसन्न होते है, साथ ही सर्प भय से भी मुक्ति मिलती है। नागपंचमी पर नाग को दूध पिलाने की भी परंपरा हे इसलिए पूजन अर्चन के दौरान महंत द्वारा नाग की प्रतिमा पर दूध चढ़ाया जाता है। उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मन्दिर में स्थित मूर्ति 11वीं शताब्दी के परमार काल की है। 

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