जिले के समन्वित विकास कार्यों के लिए डीएमएफ मद का होगा समुचित उपयोग – महंत

जांजगीर चांपा
छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने कहा कि जिले में उपलब्ध डी एम एफ मद का उपयोग जिले के समन्वित विकास के लिए किया जाएगा। इसके लिए जनप्रतिनिधि और विभागीयअधिकारी टीम भावना से कार्य करेंगे और उपलब्ध मद का सदुपयोग करेंगे।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री और जिले के प्रभारी जयसिंह अग्रवाल की अध्यक्षता में आज जिला खनिज संस्थान न्यास के शासी परिषद की बैठक जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित की गई।

डॉ महंत ने कहा कि जिले में उपलब्ध डीएमएफ मद से स्वीकृत कार्य गुणवत्ता पूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी आपसी सम्बन्ध से कार्य करें। उन्होंने कहा कि जांजगीर-चांपा कृषि प्रधान जिला है। इस मद का उपयोग सिंचाई व्यवस्था और कृषि कार्य को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त उन्होंने कोरोना उपचार में प्रयुक्त आवश्यक चिकित्सा संस्थानों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए भी कार्य करने करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले के विकास के लिए अधिकारी और जनप्रतिनिधि टीम भावना से कार्य करेंगे ताकि सामयिक और बेहतर ढंग से जिले का विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए कार्य योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि डी एम एफ से स्वास्थ्य सुविधा और शिक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता में रखा जाय। डॉ महंत ने उपस्थित सभी सदस्यों से कहा कि वे, 20 अगस्त तक अपने क्षेत्र के विकास से संबंधित प्रस्ताव प्रेषित करें।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि पुराने वित्तीय वर्ष के स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूरा कराया जाएगा। इसके साथ ही सड़क मरम्मत, सड़क निर्माण और रेलवे ओव्हर ब्रिज निर्माण के कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने के लिए सतत प्रयास किया जा रहा है। अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सामुदायिक , प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केंद्रों में भी चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। भवन विहीन स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भवन भी स्वीकृत किए जाएंगे। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने भी जिले के विकास के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

कलेक्टर  जितेंद्र कुमार शुक्ला ने अवगत कराया कि जिले के खदानों से 426 गांव प्रत्यक्ष रूप से और 489 गांव अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि इन प्रभावित गांवों में पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला एवं बाल कल्याण, वृद्ध एवं निशक्तजन के कल्याण, कौशल विकास और स्वच्छता के कार्यों को उच्च प्राथमिकता में रखा गया है। उन्होंने बताया कि इन कार्यों के लिए उपलब्ध मद का 60त्न व्यय किया जा जाएगा। इसी प्रकार अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्र में अधोसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा एवं जल विभाजक के विकास कार्य, शासन द्वारा निर्देशित कार्य एवं सतत जीविकोपार्जन के कार्यों को रखा गया है। इस पर 40 प्रतिशत व्यय किए जाएंगे ।

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