पेट्रोल-डीजल पर सिर्फ टैक्स वसूली, दोगुना आमदनी इस वर्ष की तिमाही में

भोपाल
देश में सर्वाधिक महंगा पेट्रोल डीजल बेचने के कारण बढ़ी महंगाई को लेकर राज्य सरकार के विरुद्ध आम जन मानस में विरोध भले ही पनपने लगा है लेकिन सरकार अभी इन दामों में कमी करने को तैयार नहीं है। इस बीच यह बात भी सामने आई है कि वैट, एडिशनल टैक्स के अलावा टर्नओवर पर भी सेस राज्य सरकार वसूल रही है जिसका सीधा असर आमजनता पर पड़ रहा है। इस साल पहली तिमाही में पेट्रोल डीजल से सरकार वैट के जरिये 2400 करोड़ रुपए कमा चुकी है।

राज्य सरकार पेट्रोल और डीजल पर वैट और अतिरिक्त टैक्स के अलावा टर्न ओवर पर भी एक प्रतिशत सेस कर वसूल रही है जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। इसका खुलासा वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा विधानसभा के सवाल के जवाब में किया गया है। सरकार के एक जवाब में यह बात सामने आई है कि पेट्रोल पर पिछले साल की पहली तिमाही से दोगुनी आमदनी राज्य सरकार को इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में हुई है। हालांकि अफसरों का दावा है कि टर्नओवर पर लिया जाने वाला सेस कर पहले से लिया जाता रहा है, भले ही इसे सार्वजनिक नहीं किया गया।

मंत्री देवड़ा ने लिखित जवाब में कहा है कि वर्तमान में पेट्रोल पर 33 प्रतिशत वैट, 4.50 रुपए प्रतिलीटर अतिरिक्त कर एवं टर्नओवर पर 1 प्रतिशत सेस दर ली जा रही है। इसी प्रकार डीजल पर 23 प्रतिशत वैट, तीन रुपए प्रतिलीटर अतिरिक्त कर एवं टर्नओवर पर 1 प्रतिशत सेस दर प्रचलित है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा प्रदेश की वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए राजस्व संग्रहण की खातिर टैक्स की दरों का निर्धारण किया जाता है। दाम घटाने की संभावना से इनकार करते हुए मंत्री देवड़ा ने कहा है कि पेट्रोल एवं डीजल की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम तथा रुपए एवं डॉलर के विनिमय दर पर आधारित होती है।

उन्होंने कहा कि पेट्रोल एवं डीजल की मूल्य वृद्धि के प्रभाव का आंकलन वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा नहीं किया जाता है। पेट्रोल व डीजल के बेचने संबंधी मूल्य का निर्धारण संबंधित पेट्रोलियम कंपनियों के द्वारा किया जाता है। साथ ही राज्य सरकार द्वारा डीजल एवं पेट्रोल का विक्रय मूल्य निर्धारण नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा पेट्रोल एवं डीजल की प्रति लीटर विक्रय मूल्य की जानकारी संधारित नहीं की जाती है।

विधायक मेवाराम जाटव ने सरकार से पूछा था कि 2020-21 में जून माह तक और 2021-22 में जून माह तक पेट्रोल, डीजल से हुई आमदनी की जानकारी दी जाए। इसके जवाब में मंत्री ने कहा है कि पिछले साल जून की तिमाही में पेट्रोल से 519.68 करोड़ रुपए वैट से मिले थे। इसके साथ ही डीजल से इसी अवधि में 920 करोड़ रुपए आए थे। चालू साल की इसी तिमाही अवधि में पेट्रोल से 1033.76 और डीजल से 1395.46 करोड़ रुपए सरकार के खजाने में आए हैं। इसमें अतिरिक्त टैक्स और टर्नओवर की राशि शामिल नहीं है।

 

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