धनबाद: ऑटो चालक के दोस्त राहुल का हुआ लाई डिटेक्टर टेस्ट

धनबाद
धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत के मामले में मंगलवार को सीबीआई की टीम ने ऑटो चालक लखन वर्मा के दोस्त राहुल वर्मा का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया। सिंफर गेस्ट हाउस में लखन का लाई डिटेक्टर सहित फोरेंसिक साइकोलॉजिकल असेसमेंट व फोरेंसिक असेसमेंट एनालिसिस टेस्ट भी किया गया। मंगलवार को सीएफएसएल की एक टीम सीबीआई अधिकारियों के साथ फिर कोर्ट मोड़ रणधीर वर्मा चौक पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। कोर्ट के आदेश पर सोमवार को सिंफर कैंपस में ही सीएफएसएल के विशेषज्ञों ने ऑटो चालक लखन वर्मा का तीनों टेस्ट किया था। लखन वर्मा का टेस्ट देर रात तक चला। इसलिए राहुल वर्मा का टेस्ट नहीं हो सका था। टेस्ट के दौरान सीएफएसएल की कई टीमें उस पर सवालों की बौछार करती रही। इस दौरान उसके जवाब को मशीन की कसौटी पर उतारा जा रहा था। ठीक इसी तरह राहुल वर्मा को भी तीनों टेस्ट से गुजारा गया। वैज्ञानिक जांच करने से पूर्व भी आरोपियों से सीबीआई की टीम घंटों पूछताछ कर चुकी है। बताया जाता है कि पूछताछ के दौरान ऑटो चालक एवं उसके सहयोगियों द्वारा लगातार एक ही जवाब को दोहराया जा रहा था। सीबीआई ने न्यायालय से दोनों की ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट की भी मंजूरी ली है लेकिन धनबाद में इन दोनों टेस्ट की सुविधा नहीं है। सीबीआई संतुष्ट नहीं हुई तो दिल्ली, हैदराबाद या अहमदाबाद के लैब में ले जाकर उन दोनों की ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट करा सकती है। दोनों आरोपियों का पांच दिनों की रिमांड अवधि बुधवार को पूरी हो रही है। बुधवार को सीबीआई दोनों को वापस जेल भेज सकती है या फिर रिमांड अवधि बढ़ाने के लिए नई अर्जी देनी होगी।

सीएफएसएल ने की घटनास्थल की मैपिंग
मंगलवार को सीएफएसएल की टीम फिर घटनास्थल पर पहुंची और 28 जुलाई की सुबह जिस कोण में ऑटो रणधीर वर्मा चौक से मुड़ कर घटनास्थल पर पहुंची थी, उस कोण को फीता से मापा गया। पूरे घटनास्थल की मैपिंग की गई। सड़क पर जगह-जगह मार्किंग कर कर टीम ने एंगल को नोट किया। इस दौरान टीम बार-बार सीसीटीवी फुटेज देख रही थी।
 

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