सत्र टलने तक नहीं रुका OBC मुद्दे पर हंगामा, वेल तक पहुंचे कांग्रेसी विधायक

भोपाल
विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नोत्तर काल के दौरान पेट्रोल डीजल के दामों में वृद्धि और महंगाई को लेकर विपक्ष की घेराबंदी के चलते सदन में हंगामा हो गया। कांग्रेस विधायक मेवाराम जाटव के सवाल पर वित्त मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया और गर्भगृह तक पहुंच गए। कांग्रेस विधायक महंगाई रोकने के लिए पेट्रोल डीजल से वैट घटाने की मांग कर रहे थे। हंगामा न थमते देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

मंगलवार को जब सदन समवेत हुआ तो प्रश्नोत्तर काल में विधायक जाटव ने कहा कि पेट्रोल डीजल पर वैट नहीं घटाने से महंगाई बढ़ी है। जनता को राहत देने के बजाय सरकार महंगाई लाद रही है। इसके जवाब में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि शिवराज सरकार के पूर्व कार्यकाल में पेट्रोल व डीजल पर वैट घटाया गया था। पेट्रोल पर वैट घटाकर 31 से 28 फीसदी किया गया था। इसी तरह डीजल में भी कमी की गई थी लेकिन कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में पेट्रोल पर वैट बढ़ाकर 33 और डीजल पर 32 प्रतिशत कर दिया गया है। वर्तमान सरकार ने कोई वैट नहीं बढ़ाया है।

 इस पर नेता प्रतिपक्ष नाथ ने कहा कि हमारी सरकार की छोड़िए। महंगाई से सब परेशान हैं। हमने महंगाई पर चर्चा के लिए सदन में स्थगन प्रस्ताव दिया है, उसे स्वीकार करें या फिर यह स्वीकार करें कि महंगाई बढ़ी है। इसके साथ ही कांग्रेस विधायकों ने महंगाई के दाम कम करने को लेकर अलग-अलग बोलना शुरू कर दिया। इससे हंगामे की स्थिति बनने लगी तो अध्यक्ष ने रोका। इस पर कांग्रेस विधायक गर्भगृह तक नारेबाजी करते हुए जा पहुंचे और महंगाई कम करो, पेट्रोल डीजल पर वैट वापस लो के नारे लगाने लगे। हंगामा न थमते देख अध्यक्ष ने विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी और प्रश्नकाल के बाकी प्रश्नों पर सदन में चर्चा नहीं हो सकी।

इसके पहले विधानसभा में प्रश्नोत्तर काल शुरू होने पर विधायक लाखन सिंह यादव ने राधा कृष्ण मंदिर कछौआ के पुजारी को हटाने का मामला उठाया। उनका कहना था कि पुजारी मंदिर की आय से शराब पार्टी करता है। इस पर संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि शिकायत की जांच की गई है। यह झूठी पाई गई है। इस पर विधायक यादव ने महिला तहसीलदार को लेकर कहा कि वह बेचारी नई है। पहली पोस्टिंग है। उसको पता नहीं है। वहां किसी और को भेजकर जांच कराएं। महिला अफसर को बेचारी कहने पर मंत्री ठाकुर ने आपत्ति करते हुए कहा कि महिलाएं बेचारी नहीं हैं। सदस्य माफी मांगे। इस बीच मंत्री मीना सिंह ने भी आदिवासी मामले पर माफी मांगने की बात कही। मंत्री विश्वास सारंग और बीजेपी विधायक रामेश्वर ने भी मंत्री की बात का समर्थन किया।

 

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