ग्लोबल लिक्विडिटी कम होने के बाद गिरावट संभव, हफ्ते पहले दिन बाजार की मजबूत शुरुआत

नई दिल्ली
निफ्टी 16300 के पार निकला है। प्राइवेंट बैंकों ने बाजार में जोश भरा है। निफ्टी बैंक में सबसे ज्यादा 270 अंकों की तेजी देखने को मिली है  लेकिन मिडकैप आज सुस्त है।

साथ ही प्राइमरी मार्केट की बात करें तो Rolex Rings की आज 40 फीसदी प्रीमियम पर शानदार लिस्टिंग देखने को मिली है। ये  900 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले एनएसई पर 1250 रुपये पर लिस्ट हुआ।

आज से  NUVOCO VISTAS CORP  का IPO खुला है। इसका  प्राइस बैंड 560 से 570 रुपए के बीच है। CARTRADE TECH का इश्यू भी आज से ही खुला है।

दूसरे निवेश विकल्पों पर नजर डालें तो सोने की चमक  फीकी पड़ी है। एमसीएक्स गोल्ड 600 रुपए गिरकर 46 हजार के करीब पहुंचा है। अमेरिका में अच्छे जॉब रिपोर्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय मार्केट में भी सोने पर दबाव बढ़ा है लेकिन ज्वेलरी शेयरों में अच्छी रौनक है।  TITAN और THANGAMAYIL JEWELLERY ज्वेलरी में  2 से 4 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है।

इस माहौल में बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करते हुए वेल्थ एडवाइजर की बंसत महेश्वरी ने कहा कि भारतीय बाजार की तेजी घरेलू वजहों से नहीं है। ये विदेशी बाजारों से उधार ली गई तेजी है। उन्होंने आगे कहा कि ग्लोबल लिक्विडिटी की वजह से भारतीय बाजार भागे है। यह लिक्विडिटी जब तक बनी रहेगी तब तक बाजार में तेजी कायम रहेगी।

उन्होंने अपनी बात को ओर स्पष्ट करते हुए कहा कि IT, फार्मा, मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दिखने को मिल रही है। अगर हम  गौर करें तो  IT, फार्मा और मेटल इन तीनों का सरोकार भारतीय बाजारों की तुलना में विदेशी बाजारों से ज्यादा है। चूंकि विदेशी में इन सेक्टरों की मांग में जबरजस्त उछाल आया है इसलिए भारत में इस सेक्टर से जुड़े शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है।

उन्होंने आगे कहा कि सीमेंट शेयरों में भी तेजी देखने को मिल रही है । हालांकि इसकी वजह विदेशी ना होकर घरेलू ही है। सीमेंट शेयरों की प्राइसिंग पावर मजबूत है जिसका उन्हे फायदा मिलता दिख रहा है।

इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि जब तक लिक्विडिटी कामय रहेगी तब तक बाजार में तेजी कायम रहेगी। लिक्विडिटी कब तक खत्म होगी यह कह पाना अभी मुश्किल है लेकिन इतना साफ है कि कोरोना महामारी के कारण दुनियाभर की सारी बड़ी इकोनॉमिक्स पर दबाव है। जिसको देखते हुए तमाम सरकारों और केंद्रीय बैंकों का फोकस ग्रोथ पर होगा। ऐसे में  हम कह सकते हैं कि जल्दी में लिक्विडिटी पर लगाम लगने की कोई उम्मीद नहीं है।

मेटल सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मेटल की कीमतें एक्सपोर्ट पॉलिसी पर निर्भर करती है। आनेवाले दिनों में स्टील खपत ज्यादा रहेगी जिससे मेटल शेयरों में तेजी कायम रहेगी. उन्होंने यह भी बताया कि TATA STEEL, SAIL उनके  पोर्टफोलियों में शामिल है।

इसके अलावा बसंत महेश्वरी को NBFCs और टूरिज्म सेक्टर में निवेश के मौके दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल लिक्विडिटी कम होने से बाजार में गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसा कब होगा यह कहना मुश्किल है लेकिन फिर भी हमें सतर्कता से कदम उठाना जरुरी है। बसंत महेश्वरी ने इस बातचीत में आगे कहा कि दिसंबर 2022 तक निफ्टी 20000 का स्तर छू सकता है।

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