तकनीकी कालेजों में जब तक डिजिटल सिग्नेचर वाले दस्तावेज नहीं ,तब तक फीस तय नहीं होगी

भोपाल

तकनीकी कालेजों की फीस अब तब ही तय हाेगी जब वे डिजिटल सिग्नेचर वाले दस्तावेज देंगे। मप्र प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति (एएफआरसी) ने इस व्यवस्था को लागू कर दिया है। अब संबंधित कालेजों को एक नवंबर से इस व्यवस्था का पालन करना होगा। तभी अगले सत्र की फीस तय होगी। फीस कमेटी दो हजार से ज्यादा काॅलेजों में चलने वाले करीब ढाई हजार पाठ्यक्रमों की फीस तय करती है।

शिक्षण संस्थानों को पोर्टल पर एक्सेस करने के लिए आईडी पासवर्ड दिया जाता है। यह सिर्फ उनके पास ही होता है। लेकिन अब दस्तावेजों पर डिजिटल सिग्नेचर होने से यह पूरी तरह विश्वसनीय और पुख्ता रहेगा कि जो दस्तावेज दिए गए हैं वह बिल्कुल सही हैं।

लापरवाही करते हैं कॉलेज संचालक

कमेटी ने संस्थानों को फाइनेंशिल डाटा देना भी अनिवार्य कर दिया है। अब बिना फाइनेंशियल डेटा के भी फीस तय नहीं की जाएगी। जो भी संस्थाएं इसे उपलब्ध नहीं करवाएंगे उन पर विचार ही नहीं होगा। अधिकारियों ने बताया कि काॅलेज इस संबंध में लापरवाही करते हैं।

फाइनेंशियल डेटा जरूरी

एक नवंबर से काॅलेजों को डिजिटल सिग्नेचर युक्त दस्तावेज देने होंगे। उन्हें फाइनेंशियल डेटा भी देना हाेगा ताकि यह पता चल सके कि आडिट करवाया भी है या नहीं।
डॉ. डीए हिंडोलिया, सचिव, एएफआरसी

 

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