सरसों पहुंचा 8,450 रुपये क्विन्टल पर, खाद्य तेलों में फिर तेजी

 नई दिल्ली इंदौर 
विदेशों में तेजी के रुख के बीच मांग बढ़ने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों दाना सहित अधिकांश तेल-तिलहनों में के भाव में तेजी रही। वहीं सरसों की मांग बढ़ने के बीच सलोनी, आगरा और कोटा में सरसों दाना का भाव 8,300 रुपये से बढ़कर 8,450 रुपये क्विन्टल पर पहुंच गया। इसका असर सरसों तेल-तिलहन कीमतों पर दिखा। वहीं, इंदौर के संयोगितागंज अनाज मंडी में बुधवार को चना कांटा 50 रुपये, तुअर (अरहर) 100 रुपये और मूंग के भाव में 50 रुपये प्रति क्विंटल की कमी आयी। 
 
बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 3.5 प्रतिशत की बढ़त रही, जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में आधा प्रतिशत की तेजी रही। मलेशिया एक्सचेंज में तेजी की वजह से कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन दिल्ली और पामोलीन कांडला तेल के भाव पर्याप्त सुधार के साथ बंद हुए। महाराष्ट्र के लातूर कीर्ति में सोयाबीन दाना का प्लांट डिलीवरी का भाव कल के 10,000 रुपये से बढ़कर 10,500 रुपये क्विन्टल कर दिया गया। इस पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अलग से देना पड़ता है।
 
सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में तेजी की वजह से सीपीओ का भाव मंगलवार के 1,190 डॉलर से बढ़ाकर 1,210 डॉलर प्रति टन कर दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार के आयात शुल्क कम करने का लाभ देश के उपभोक्ताओं को न मिलकर मलेशिया को हुआ, जहां सीपीओ के दाम में 3.5 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गई। उन्होंने कहा कि खाद्य तेल की कमी को तो विभिन्न तेलों के आयात से पूरा किया जा सकता है मगर पशु चारे और मुर्गीदाने के लिए तेल रहित खल (डीओसी) की मांग को किसी भी तरह से पूरा करना मुश्किल है। खाद्य तेलों के आयात के लिए सालाना लगभग एक लाख करोड़ रुपये से अधिक विदेशी मुद्रा खर्च की जाती है। 

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