बच्चों के लिए घातक बने ऑनलाइन गेम्स पर जैन संवेदना ट्रस्ट ने जताई चिंता

रायपुर
फ्री फायर जैसे आॅनलाइन वीडियो गेम की लत किशोरवय बच्चों के जीवन के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है. जैन संवेदना ट्रस्ट रायपुर के पदाधिकारियों ने ऐसे आॅनलाइन गेम्स को सख्ती से बैन करने की मांग प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री व मानव संसाधन मंत्री को पत्र लिखकर की है. जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने उक्ताशय के पत्र में मध्यप्रदेश के छतरपुर में फ्री फायर आॅनलाइन गेम खेलने की लत में फंसे 13 साल के एक बच्चे द्वारा आत्महत्या करने और इससे पहले जनवरी माह में भी मध्यप्रदेश के सागर जिले के ढाना कस्बे में 12 वर्षीय एक छात्र द्वारा फांसी लगाने के कथित मामलों का जिक्र करते हुए कहा है कि ऐसे आॅनलाइन गेम्स से अध्ययनरत बच्चों का कीमती समय बर्बाद होने के साथ-साथ उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है.साथ ही अनजाने में वे आत्मघाती कदम भी उठा रहे हैं।

वहीं जैन संवेदना ट्रस्ट के पदाधिकारी कमल भंसाली, महावीर कोचर ने कहा कि आॅनलाइन मोड पर ऐसे खतरनाक वीडियो गेम्स बच्चों की मानसिकता पर दुष्प्रभाव तेजी से हो रहा है और वे मानसिक तनाव से घिर रहे हैं. यह देश की भावी पीढ़ी के लिए काफी घातक साबित हो रहा है. ऐसे आॅनलाइन गेम्स पर देश की सरकार को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाना चाहिए. हाल ही में आॅनलाइन गेम्स की वजह से दो-दो घटनाएं सामने आयी हैं, जिनमें बच्चों ने आत्मघाती कदम उठाकर जीवन से हाथ धो डाला. जैन संवेदना ट्रस्ट के महेंद्र कोचर, विजय चोपड़ा, कमल भंसाली, महावीर कोचर, चंद्रेश शाह, प्रवीण जैन, निर्मल गोलछा आदि ने संयुक्त रूप से पत्र प्रेषित कर इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल ऐसे आॅनलाइन गेम्स पर सख्त पाबंदी लगाने का आग्रह प्रधानमंत्री से किया है।

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