महिला हॉकी टीम की वंदना ने यहां भी किए कई कमाल, ग्वालियर की राज्य महिला हॉकी अकादमी से है नाता

ग्वालियर
ओलंपिक के इतिहास में भारतीय महिला हॉकी टीम पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची है. भारतीय टीम की इस कामयाबी की जमीन मध्य प्रदेश के ग्वालियर की राज्य महिला हॉकी अकादमी में तैयार हुई थी. टोक्यो ओलपिंक में खेल रही ग्वालियर अकादमी की वंदना कटारिया ने अफ्रीका के खिलाफ हैट्रिक कर भारतीय महिला हॉकी टीम को सेमी फाइनल तक पहुंचाने में अहम रोल निभाया. भारतीय महिला हॉकी टीम में ग्वालियर अकादमी की तीन खिलाड़ी शामिल हैं.

गौरतलब है कि ओलंपिक मे खेल रही भारतीय टीम में शामिल पी सुशीला चानू, मोनिका और वंदना कटारिया ग्वालियर राज्य महिला हॉकी अकादमी की खिलाड़ी हैं. तीनों खिलाड़ी लगातार अपना दूसरा ओलिंपिक खेल रही हैं. मिड फील्डर चानू, ग्वालियर अकादमी में 2006 से 2010 तक रहीं. उन्होंने यहां हॉकी का प्रशिक्षण लेने के साथ कई बड़े टूर्नामेंट खेले. उधर इसी पोजीशन पर खेलने वाली मोनिका भी 2010 से 2011 तक अकादमी में रह चुकी हैं. जबकि फॉरवर्ड प्लेयर वंदना कटारिया ने मप्र टीम से 2011 का झारखंड नेशनल गेम्स खेला. इसके अलावा अभी भी बड़े टूर्नामेंट में अकादमी की तरफ से प्रदेश टीम से खेलती हैं. वर्तमान में चानू, मोनिका और वंदना रेलवे में अपनी सेवाएं दे रही हैं.

बता दें, साल 2006 में खेलमंत्री यशोधरा राजे की पहल पर मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य महिला हॉकी अकादमी शुरुआत की थी. हॉकि अकादमी में खिलाडियों की पौध तैयार करने की जिम्मेदारी मिली थी. मूलतः पंजाब के रहने वाले परमजीत सिंह को हॉकी अकादमी में जूनियर और सीनियर मिलकर कुल 59 खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी थी. खिलाड़ियों के रहने खाने सहित तमाम व्यवस्थाएं अकादमी में ही हैं. गुरू परमजीत ने जी-तोड़ मेहनत की. अकादमी ने साल 2010 आते-आते राष्ट्रीय और अंतर राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी तैयार करके दे दिए. ग्वालियर राज्य महिला हॉकी अकादमी से दस ओलंपिक महिला हॉकी खिलाड़ी, 85 अंतर्राष्ट्रीय महिला हॉकी खिलाड़ी दिए हैं. इन खिलाड़ियों मे एशियाकप, यूरोपीय टूर्नामेंट सहित कई विश्व स्तर की प्रतियोगिताएं जीती हैं.

भारतीय महिला हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक में पदक दिलाने की उम्मीद बढ़ा दी है. भारतीय महिला हॉकी टीम ने ओलंपिक में दक्षिण अफ्रीका पर 4-3 की जीत और बाद में मौजूदा चैंपियन ग्रेट ब्रिटेन की आयरलैंड पर 2-0 की विजय से शनिवार को 41 वर्षों में पहली बार ओलंपिक खेलों के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया था. टीम ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में रविवार को ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर पहली बार ओलंपिक के इतिहास में पहली बार सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है.

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