धनबाद में जज की हत्या सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान,एसआईटी का गठन

   नई दिल्ली

झारखंड के धनबाद में अतिरिक्त जिला जज उत्तम आनंद की हत्या के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमणा की अगुआई वाली बेंच ने इस मामले में एक सप्ताह के भीतर झारखंड के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के माध्यम से जांच पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है.

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक झारखंड में अदालत परिसरों के अंदर और बाहर कानून-व्यवस्था की स्थिति का विस्तृत ब्योरा भी देंगे. सीजेआई जस्टिस एनवी रमणा और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा कि झारखंड में हाल के महीनों में न्यायिक अधिकारियों और वकीलों पर जानलेवा हमलों की वारदात बढ़ी है.

कानून व्यवस्था पर सवाल
इसका सीधा मतलब कानून व्यवस्था से है. ये स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है. लिहाज़ा राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन इस बारे में रिपोर्ट दे. सुप्रीम कोर्ट ने लगे हाथ यह भी स्पष्ट कर दिया कि उनके इस आदेश का झारखंड हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा. क्योंकि हाईकोर्ट इस खास मामले में सुनवाई कर रहा है और सुप्रीम कोर्ट इस विस्तृत मुद्दे पर सुनवाई कर रहा है.

 

उच्च स्तरीय जांच के आदेश
जज की मौत के मामले में झारखंड सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए है. मामले की सीसीटीवी फुटेज कई सवालों के साथ ही हत्या की आशंका को बल दे रही है. झारखंड सरकार ने धनबाद के डीसी और पुलिस को उच्च स्तरीय जांच समिति बनाकर इस घटना की जांच कर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट देने का फरमान सुनाया है.

एसआईटी ने शुरू की जांच
जज उत्तम आनंद हत्याकांड की जांच के लिए गठित एसआईटी की टीम धनबाद पहुंच चुकी है. इस मामले में गिरफ्तार किए गए ऑटो चालक समेत दोनों लोगों को पांच दिनों के लिए रिमांड पर लिया गया है. दोनों आरोपियों से एसआईटी टीम पूछताछ करेगी. इसी मामले में एडीजी संजय लाटकर के नेतृत्व में एसएसपी धनबाद के कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक भी आयोजित की गई है. वहां मीडिया को कवरेज की इजाजत नहीं दी गई है. बैठक में एडीजी और एसएसपी के अलावा डीआईजी, सिटी एसपी, एएसपी समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं.

सीबीआई जांच की मांग

बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी इस मामले की जांच सीबीआई से करने की मांग की है. झारखंड हाई कोर्ट की सख्ती और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की मांग को देखते हुए पुलिस ने जज उत्तम आनंद की मौत के मामले में हत्या की धारा यानी आईपीसी की धारा 302 भी जोड़ दी थी. अब इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है. इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है.

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