10 अगस्त को बिजलीकर्मियों का देशव्यापी कार्य बहिष्कार

वाराणसी। 
इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल-2021 के विरोध में 10 अगस्त को देशभर के 15 लाख बिजलीकर्मी कार्य बहिष्कार करेंगे। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने गुरुवार को विद्युत प्रशिक्षण संस्था, हाइडिल कॉलोनी में हुए प्रान्तीय सम्मेलन में यह निर्णय हुआ। बिजली कर्मचारियों ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 रद करने के लिए सरकार को नौ अगस्त तक का समय दिया है।

संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारियों शैलेन्द्र दुबे, प्रभात सिंह, जय प्रकाश, चन्द्रशेखर चौरसिया, जवाहर लाल विश्वकर्मा, मायाशंकर तिवारी, एपी शुक्ला, एके श्रीवास्तव, आरके वाही, राजेन्द्र सिंह, जियूत लाल, मनीष श्रीवास्तव, राम कुमार झा, विसम्बर सिंह, विरेन्द्र सिंह, केदार तिवारी, सुनील कुमार यादव, संजय भारती,अंकुर पांडेय जगदीश पटेल, संतोष वर्मा, सूर्यदेव पाण्डेय, नीरज बिंद आदि ने बताया कि केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 संसद में रखने और पारित करने का एलान किया है। निजीकरण को लाए जा रहे इस बिल के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया गया है। प्रांतीय सम्मेलन में पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली कानून में व्यापक बदलाव करने वाले इस बिल को संसद की बिजली मामलों की स्टैंडिंग कमेटी को भेजा जाना चाहिए। बताया कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 में उत्पादन का लाइसेन्स समाप्त कर बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन का निजीकरण किया गया। जिससे जनता को महंगी बिजली की मार झेलनी पड़ रही है। अब इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के जरिये बिजली वितरण का लाइसेंस लेने की शर्त समाप्त की जा रही है जिससे बिजली वितरण के सम्पूर्ण निजीकरण का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। इस बिल में प्राविधान है कि किसी भी क्षेत्र में एक से अधिक बिजली कम्पनियाँ बिना लाइसेंस लिए कार्य कर सकेंगी और बिजली वितरण हेतु यह निजी कम्पनियां सरकारी वितरण कंम्पनी का इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क इस्तेमाल करेंगी। प्रान्तीय सम्मेलन की अध्यक्षता इं. चन्द्रशेखर चौरसिया एवं संचालन राजेन्द्र सिंह ने किया।

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